बजरंगी की हत्या से पहले राठी को आई थी एक कॉल

बजरंगी भागा भी, लेकिन गोली लगने से वह गिर गया।

बागपत। उत्‍तर प्रदेश के माफिया डॉन मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या जिला कारागार में पूरी प्‍लानिंग के साथ की गई। मुन्‍ना बजरंगी पर एक-दो नहीं पूरी 10 गोलियां दागी गईं। ऐसे में सुनील राठी ने मुन्‍ना बजरंगी को उठने का मौका ही नहीं दिया।

माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में नया तथ्य सामने आया है। जेल में मुन्ना बजरंगी के प्रवेश के बाद विक्की सुन्हैड़ा ने उसके स्वागत में पलक-पावड़े बिछा दिए। फिर आधी रात के बाद जेल में जश्न मनाया गया। सुबह सुनील राठी और बजरंगी के बीच कहासुनी हो गई। तभी सुनील के पास एक कॉल आई और चंद लम्हों के बाद ही सुनील ने मुन्ना बजरंगी की हत्या कर डाली।

यह राजफाश जेल में बंद एक बंदी ने किया है। प्रत्यक्षदर्शी बंदी ने बताया कि रविवार रात वह खाना खाकर जेल परिसर में टहल रहा था। करीब सवा नौ बजे जेल का मुख्य द्वार खुला और बाहर खड़ी एक एंबुलेंस को देखकर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़बड़ी मच गई। एंबुलेंस को चेकिंग के बाद अंदर प्रवेश दिया गया, जिसमें से डरा-सहमा हुआ मुन्ना बजरंगी नीचे उतरा।

कई सुरक्षाकर्मी तीन चरण में तलाशी लेकर बजरंगी को तन्हाई बैरक की ओर ले गए। इसी बीच विक्की सुन्हैड़ा आया और बजरंगी के गले मिलकर उसका स्वागत किया। बजरंगी को अलग बैरक में ले जाया जाने लगा तो बजरंगी की मांग पर विक्की और बजरंगी को एक बैरक में रखा गया। थोड़ी देर बाद पास वाली बैरक में बंद सुनील राठी उनकी बैरक में आया और हंसी-ठिठोली होने लगी।

रात करीब एक बजे तीनों बैरक के बाहर मैदान में आ गए, जहां उन्होंने शराब पी। करीब ढाई बजे विक्की और बजरंगी एक बैरक में सो गए और सुनील अपनी बैरक में चला गया। सुबह पांच बजे बैरक खुली तो तीनों बाहर आ गए और चाय का इंतजार कर रहे थे। चाय नहीं आई तो बजरंगी नहाने के लिए चल दिया।

टेंडर की बात पर कहासुनी

इसी बीच सुनील की बजरंगी से किसी टेंडर की बात को लेकर कहासुनी हुई। उस समय विक्की ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। इसी बीच सुनील के पास एक कॉल आई और थोड़ी देर बाद सुनील ने पिस्टल से बजरंगी पर हमला बोल दिया।

बजरंगी भागा भी, लेकिन गोली लगने से वह गिर गया। सुनील ने एक मैगजीन खाली कर दूसरी मैगजीन डाली और फिर एक के बाद एक सभी गोलियां बजरंगी के शरीर में उतार दीं।

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