रविवि के प्रोफेसर ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 50 लाख रुपए

पैसे लेकर हुआ गायब, मोबाइल भी कर दिया बंद

रायपुर: पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के विधि विभाग का वरिष्ठ प्रोफेसर शातिर जालसाज निकला। प्रोफेसर ने पांच से अधिक बेरोजगारों को न केवल विश्वविद्यालय, महाविद्यालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 50 लाख रुपए ऐंठ लिए बल्कि उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। शिकायत के बाद गुरूवार को पुलिस ने घेराबंदी कर प्रोफेसर को गिरफ्तार लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि प्रोफेसर ने एक ही जमीन को कई लोगों से बेचने के नाम पर भी लाखों रुपए ठगे हैं।

एडिशनल एसपी सिटी विजय अग्रवाल, डीएसपी क्राइम अभिषेक माहेश्वरी ने बताया कि रविवि में विधि विभाग में पदस्थ वरिष्ठ प्राध्यापक आलेख साहू (50) को पांच बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपए से दस लाख रुपए तक ठगने के मामले में विश्वविद्यालय परिसर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। दरअसल अटल चौक, बोरियाखुर्द निवासी ठगी के शिकार श्यामानंद साहू ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत पत्र देकर प्रोफेसर आलेख साहू द्वारा दुर्ग महाविद्यालय में वि अकिारी के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर दस लाख रुपए ठगने का आरोप लगाया था। शिकायत की जांच पर टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।

पैसे लेकर हुआ गायब, मोबाइल भी कर दिया बंद:

श्यामानंद के अलावा नित्यानंद साहू को भी नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रोफेसर ने पैसे ठगे। नित्यानंद की बेटी रविवि विधि विभाग में पढ़ाई कर रही थी लिहाजा दोनों परिवारों का एक दूसरे के घर आना-जाना था। वर्ष 2016 में आलेख ने घर आकर नित्यानंद को उसकी बेटी की नौकरी लगवा देने का झांसा देकर दो किश्तों में नौ लाख रुपए ले लिए और छह महीने के भीतर काल लेटर आने की बात कही, लेकिन यह समय गुजर जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तब दबाव बनाने पर आलेख ने एक महीने में नौकरी दिलाने की गारंटी दी, लेकिन इसके बाद वह गायब हो गया। उसने अपने सारे नंबर भी बंद कर दिए हैं।

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