रिलायंस जियो को स्पेक्ट्रम बेच सकेंगी आरकॉम, TDSAT से मिला हरा सिग्नल

आरकॉम स्पेक्ट्रम बेचने से मिलने वाली 975 करोड़ रुपये की रकम का इस्तेमाल स्वीडन की टेलिकॉम इक्विपमेंट कंपनी एरिक्सन को भुगतान

मुंबई। अनिल अंबानी को ऑरकॉम से राहत मिली है। टेलिकॉम ट्राइब्यूनल ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को अपना स्पेक्ट्रम रिलायंस जियो को बेचने की अनुमति दे दी है।

हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। आरकॉम स्पेक्ट्रम बेचने से मिलने वाली 975 करोड़ रुपये की रकम का इस्तेमाल स्वीडन की टेलिकॉम इक्विपमेंट कंपनी एरिक्सन को भुगतान और कुछ अन्य माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के साथ विवादों के निपटारे के लिए करेगी।

टेलिकॉम डिस्प्यूट्स ऐंड अपीलेट ट्राइब्यूनल (TDSAT) ने अंतरिम आदेश में टेलिकॉम डिपार्टमेंट (DoT) को आरकॉम के स्पेक्ट्रम बेचने को ‘जल्द’ स्वीकृति देने के लिए कहा है।

हालांकि, इसके साथ ही TDSAT ने कर्ज के बोझ से दबी आरकॉम को अपनी जमीन न बेचने का निर्देश दिया है।

यह सरकार की 2,947.68 करोड़ रुपये की बकाया रकम की डिमांड के लिए गारंटी के तौर पर रहेगी।

आरकॉम ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में कहा कि TDSAT ने DoT की डिमांड पर रोक लगा दी है,

लेकिन यह रोक आरकॉम की ओर से यह शपथपत्र देने का विषय होगी कि कंपनी नवी मुंबई में 5,36,092 स्क्वेयर मीटर जमीन नहीं बेचेगी।

हालांकि, 16 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में DoT दोबारा TDSAT को अपील कर सकता है और बाद में यह सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर कर सकता है।

आरकॉम ने बताया कि वह स्पेक्ट्रम की बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल एरिक्सन को लगभग 550 करोड़ रुपये और अपनी टावर यूनिट रिलायंस इंफ्राटेल के माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स को करीब 230 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए करेगी। इससे उसे विवादों को निपटाने में मदद मिलेगी और वह इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग में जाने के खतरे से बच सकेगी।

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