छत्तीसगढ़

कमल विहार में प्लॉट पर आरडीए ने छूट की अवधि 30 दिसंबर तक बढ़ाई

रायपुर । आरडीए अध्यक्ष ने कमल विहार योजना में दी जा रही भारी छूट की अवधि बढ़ा कर अब 30 दिसंबर 2017 तक किए जाने की घोषणा की है। पहले यह छूट 31 अक्टूबर तक थी। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का अवसर और खरीददारों को बैंक के ब्याज का फायदा देने, डिस्काउंट मॉडल को लगातार मिल रही सफलता को कारण कमल विहार में पुन: छूट की घोषणा की गई है।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमडी कावरे ने कहा कि, इसके अंतर्गत 2 से 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 2000 वर्गफुट तक के आवासीय भूखंड पर 2 प्रतिशत, 2001 से 3000 वर्गफुट पर 10 प्रतिशत, 3001 से 5000 वर्गफुट पर 12 प्रतिशत तथा 5001 वर्गफुट से अधिक आकार के विकसित भूखंड पर 15 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। बिजनेस के प्लाटों में स्कीम लेवल, सेक्टर लेवल, मिश्रित और पीएसपी के प्लाटों पर 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 5 एकड़ के सीबीडी क्षेत्र में बिजनेस प्लॉट अलग-अलग लेने पर 15 प्रतिशत की छूट, स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्लॉट पर 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इन छूट के अलावा विकसित हो रहे सेक्टर 1, 11ए, 11बी, और 14 बी सेक्टर में 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट अलग से दी जाएगी। इसका मतलब कि छूट पर भी छूट दी जा रही है। आवासीय प्लाटों का आवंटन लॉटरी से तथा अन्य सभी प्लॉटों का आवंटन उच्चतम निविदा दर के प्रस्ताव के आधार पर किया जाएगा। छूट की सुविधा तभी मिलेगी जब प्लॉट आवंटन के 60 दिनों के भीतर पूरा राशि का भुगतान किया जाए। आवंटन हर बुघवार को किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कुछ समय पहले प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार से चर्चा में पाया कि कमल विहार योजना के बैंक से लिए गए ऋण पर मूलधन की राशि की वापसी और मूलधन पर ब्याज देने की प्रक्रिया में यदि समय से पहले ही राशि मिल जाए और उसे बैंक को वापस कर दिया जाए तो प्राधिकरण को लगने वाले ब्याज की राशि कम हो जाएगी। ऐसे में यदि राशि आती है तो इसका सीधा लाभ खरीददार को दिया जा सकता है। मतलब यह कि बैंकों को दिए जाने वाले ब्याज राशि का सीधा फायदा खरीददारों को दिया जा सकता है। प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार की ओर से इस सिध्दांत पर काम करते हुए अधिकतम 25 प्रतिशत तक की छूट का मॉडल तैयार किया था। इसे सितंबर में लागू करने के बाद अब फिर से बढ़ा कर 30 दिसंबर तक कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि गत 21 सितंबर से आज तक प्राधिकरण लगभग साढ़े 15 करोड़ रुपए के प्लाटों की बिक्री कर चुका है। डिसकाउंट मॉडल के प्रति लोगों की रुचि ने भी अच्छा खासा आकर्षण पैदा किया है।

advt

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.