पद्मावतः करणी सेना का स्कूली बस पर हमला, प्रभु बोले- मोदी सरकार नहीं करेगी बर्दाश्त

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के खिलाफ देशभर में हिंसक प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं. बुधवार को करणी सेना ने जमकर तोड़फोड़ की और बवाल मचाया. प्रदर्शनकारियों ने स्कूली बच्चों और महिलाओं तक को नहीं बख्शा.

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के खिलाफ देशभर में हिंसक प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं. बुधवार को करणी सेना ने जमकर तोड़फोड़ की और बवाल मचाया. प्रदर्शनकारियों ने स्कूली बच्चों और महिलाओं तक को नहीं बख्शा.

करणी सेना ने एक स्कूली बस पर हमला कर दिया. स्कूली बच्चों और स्टाफ ने सीट में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

स्कूली बच्चों पर हमले की घटना के बाद स्विट्जरलैंड के दावोस में मौजूद केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने सख्त लहजे में संदेश दिया है कि बच्चों और महिलाओं पर करणी सेना के हमले को मोदी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बच्चों और महिलाओं पर हमले की कड़ी निंदा की है. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी जमकर हमला बोला.

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया कि बच्चों के खिलाफ हिंसा को किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जाएगा. हिंसा और नफरत कमजोर लोगों का हथियार है. बीजेपी पूरे देश में आग लगाने के लिए हिंसा और नफरत का इस्तेमाल कर रही है.

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने गुरूग्राम में स्कूली बसों पर हमले को अस्वीकार्य और भर्त्सना योग्य बताया, जिसके कारण बच्चों एवं यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई.

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था का फ़िर दीवाला निकला. गुडगांव में अराजक तत्वों द्वारा अबोध बच्चों की स्कूल बस पर खौफनाक हमला. रोडवेज़ की बस को किया आग के हवाले. शासन-प्रशासन का कहीं नहीं नामोनिशां. बच्चों व बेक़सूर नागरिकों का क्या कसूर? फिर नाकारा साबित हुई खट्टर सरकार.

इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बच्चों को निशाना बनाने को बेहद शर्मनाक बताया. उन्होंने करणी सेना के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला. मामले में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि करणी सेना को शर्म आनी चाहिए.

खुद को सेना बताने वाले इन गुंडों को भी जो राजपूत आन-बान-शान के नाम पर बच्चों को पत्थर मार रहे हैं और उन सरकारों को भी को इन गुंडों से डरती हैं. उन्होंने कहा कि राजपूत अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध हैं. इस तरह की कायरता के लिए नहीं.

वहीं, राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने फिर से धमकी दी है. उन्होंने कहा कि मन की ज्वाला है, मत टटोलो. जौहर की ज्वाला बहुत कुछ जला देगी. पद्मावती तो रुक गई. अब पद्मावत को भी रोको. जल जाएगा देश. मत करो यह पाप.

इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी करणी सेना द्वारा स्कूली बच्चों पर हमला करने की घटना की तीखी आलोचना हो रही है. सोशल मीडिया यूजर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर सरकार की भी आलोचना कर रही है.

SC ने राज्य सरकारों को फटकारा

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कानून व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार कर्तव्य है. राज्य सरकारों को कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उठानी चाहिए.

कोर्ट ने कहा कि हिंसा को बढ़ावा देने वाले कुछ ग्रुपों को राज्य सरकारें प्रोत्साहित नहीं कर सकती है. कुछ ग्रुप लगातार हिंसा की धमकी देकर रिलीज रोकने की अपील कर रहे हैं. सेंसर बोर्ड ने अपना काम किया है. कोर्ट ने कहा कि हम लोग इतिहासकार नहीं हैं और यह फिल्म ऐसा बिल्कुल नहीं कहती है कि ये पूरी तरह इतिहास पर आधारित है.

सिनेमाघर मालिकों ने पद्मावत दिखाने से किया इनकार

करणी सेना के विरोध को देखते हुए कई सिनेमाघर मालिकों ने फिल्म पद्मावत को नहीं दिखाने का ऐलान किया है. फिल्म रिलीज होने से एक दिन पहले बुधवार को मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी राजस्थान, गुजरात मध्य प्रदेश और गोवा में इसको नहीं दिखाने का ऐलान किया है. यह एसोसिएशन भारत के 75 फीसदी सिनेमाघर मालिकों का संगठन है.

दर्शकों में जबरदस्त क्रेज

सालभर से विवादों में घिरी भंसाली की फिल्म पद्मावत का दर्शकों में जबरदस्त क्रेज है. फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो रही है. लोगों में फिल्म को देखने की होड़ सी लगी है. सिनेमाघरों में पहले ही सारे शोज हाउसफुल हो चुके हैं.

टिकट के लिए मारामारी चल रही है. साल की सबसे चर्चित फिल्म को हर कोई सबसे पहले देखने की ताक में है. बताया जा रहा है कि पद्मावत को लेकर चंडीगढ़ में एप के जरिए सबसे ज्यादा टिकट बुक हुए हैं. पॉपुलर मूवी टिकट बुकिंग एप का दावा है कि चंडीगढ़ और मोहाली के थियेटर्स के 8 मल्टीप्लेक्स में 26 प्रिव्यू शोज के लिए 25% सीट पहले से रिजर्व हो चुकी है.

दर्जनों करणी सेना के कार्यकर्ता गिरफ्तार

करणी सेना के विरोध को देखते हुए देश के कई हिस्सों में धारा 144 लगाई गई है. साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. फरीदाबाद में भी धारा 144 का असर देखने को मिला. फ़िल्म दर्शको को सुरक्षित माहौल देने के लिए भारी पुलिस बल फरीदाबाद के तमाम मॉल्स पर तैनात दिखाई दी.

एसआरएस सिनेमा पर फिल्म का विरोध करने वाले दर्जनों करणी सेना के कार्यकर्ताओं की पुलिस ने गिरफ्तारी की और बस में भर ले गए. एसआरएस या आइनॉक्स सभी मल्टीप्लेक्स सिनेमा पर पुलिस की सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गए हैं.

फिल्म को लेकर राजपूत समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. फरीदाबाद के एसआरएस मॉल के सामने ये लोग एकत्रित हुए और फिल्म पद्मावत का विरोध किया उन्होंने कहा की वही किसी भी कीमत पर फिल्म का विरोध करेंगे ,इतना ही नहीं राजपूत समाज के लोगों ने अपनी गिरफ़्तारी भी दी जिन्हे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

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