छत्तीसगढ़

महिला अपराधों की पुलिस मुख्यालय से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग, गूगल स्प्रेडशीट में सभी जिलों को देना होगा ब्योरा

स्वयं ऐसे पुलिस अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर महिला विरूद्ध अपराधों की सतत् निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर अभिनव पहल की जा रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि महिला विरूद्ध अपराधों की निगरानी एवं समीक्षा गूगल स्प्रेडशीट के माध्यम से की जायेगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को गूगल स्पे्रडशीट की एक लिंक भेजी जायेगी।

लिंक को खोलते ही निर्धारित फार्मेट में प्रतिदिन की महिला विरूद्ध अपराध एवं कार्यवाही की जानकारी भरनी होगी। मॉनिटरिंग के लिए पुलिस मुख्यालय में विषेष महिला सेल का गठन किया गया है। महिला विरूद्ध अपराधों की मॉनिटरिंग के लिए मती भावना गुप्ता, एआईजी को स्टेट नोडल अधिकारी बनाया गया है। उक्त मॉनिटरिंग सिस्टम 01 नवम्बर से लागू किया जा रहा है।

डीजीपी अवस्थी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आईजी और एसपी को उक्त निर्देश जारी किये। डीजीपी अवस्थी पुलिस मुख्यालय से स्वयं महिला विरूद्ध अपराधों पर की गई कार्यवाही पर नजर रखेंगे। गूगल स्प्रेडशीट में अपराधों पर कार्यवाही नहीं होने पर तीन तरह के अलर्ट दिखेंगे।

अपराध दर्ज करने के दिनांक से 15 दिन में गिरफ्तारी ना होने पर संबंधित जिले के कॉलम में येलो अलर्ट, गिरफ्तारी दिनांक से 15 दिन में चालान पेश नहीं करने पर रेड अलर्ट और गिरफ्तारी दिनांक से 60 दिनों में चालान पेश नहीं करने पर ब्लेक लिस्ट दिखेगा। उक्त अवधि में महिला विरूद्ध अपराधों पर कार्यवाही ना होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।

पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाना उद्देश्य: पुलिस मुख्यालय स्तर पर गूगल स्प्रेडशीट के माध्यम से महिला विरूद्ध अपराधों पर निगरानी रखने का मूल उद्देश्य पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाना है।

इसके साथ ही ऑनलाईन मॉनिटरिंग सिस्टम होने से पेपर लेस रियल टाईम मॉनिटरिंग हो सकेगी।

सुपर इन्वेस्टिगेटर का मिलेगा ईनामः ऐसे पुलिस अधिकारी महिला विरूद्ध अपराधों पर तेजी से काम करके अपराधियों को सजा दिलायेंगे उन्हें पुरस्कृत भी किया जायेगा। डीजीपी अवस्थी ने कहा कि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने वाले पुलिस अधिकारियों को सुपर इन्वेस्टिगेटर के खिताब से नवाजा जायेगा। वे स्वयं ऐसे पुलिस अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।

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