राष्ट्रीय

‘रेप नहीं-बाकी सब कुछ हो गया’, BHU की 8 लड़कियों ने सुनाई आपबीती

बीएचयू में लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले को 5 दिन हो गए हैं। यूनिवर्सिटी के कैम्पस में अभी तनाव बना है। यहां हॉस्टल में रहने वाली स्टूडेंट्स ने बीएचयू एडमिनिस्ट्रेशन पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हॉस्टल की खिड़कियों पर लड़के पत्थर में लपेटकर लेटर फेंकते है। खिड़कियों पर खड़ा होने पर अश्लील इशारे करते हैं। इस बारे में कई शिकायतें की गईंं, पर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 8 स्टूडेंट्स ने बताया कि हॉस्टल से आने-जाने का रास्ता सेफ नहीं है। रात में सिक्युरिटी नहीं के बराबर है। कई जगह तो लाइट भी नहीं है। अगर हम विरोध करते हैं तो कपड़े फाड़ने की धमकी तक दी जाती है। लड़कियों ने क्या बताया, जानें पूरा मामला…

– बीएचयू में 21 सिंतबर को एक स्टूडेंट के साथ छेड़छाड़ की गए थी। इसके बाद लड़कियों ने कैम्पस में विरोध-प्रदर्शन किया। हालात आगजनी तक पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शन कर रही लड़कियों पर लाठीचार्ज भी किया। पुलिस ने करीब 1000 स्टूडेंट्स के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। लाठीचार्ज मामले में 5 अफसरों पर को हटा दिया गया।
– डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने बनारस के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में 2 अक्टूबर तक बंद करने के आदेश दिए हैं।

विक्टिम की दोस्त ने बताया- उस दिन शाम कोलड़के आए और छेड़खानी करने लगे
– 22 सितंबर को दी गई एफआईआर में बाइक सवार 2 अज्ञात व्यक्तियों पर केस दर्ज किया गया है। विक्टि‍म ने बताया, ”भारत कला भवन के पास से गुजर रही थी। अचानक से दो बाइक सवार आए और छेड़खानी करते हुए भाग गए। लाइट नहीं होने के कारण गाड़ी का नंबर भी नहीं दिखा। मैं चिल्लाई थी, गार्ड चौराहे पर थे, लेकिन किसी भी तरह की मेरी मदद नहीं हुई। मैं रोते हुए अपने दोस्तों के पास गई, जो बेहोशी की हालत में मुझे हॉस्टल ले गए। उन्होंने गार्ड से बात की तो उन्होंने कहा कि हमने कुछ देखा ही नहीं। गार्ड ने कहा- लड़की तो सामने से रोते हुए गुजरी, पर उसने कुछ बताया ही नहीं। गलती तुम लड़कि‍यों की है। कौन कहता है कि 6 बजे के बाद बाहर निकलने को।”

– छेड़छाड़ की विक्टिम लड़की के दोस्त ने बताया- “लड़के आए और हमारे साथ छेड़छाड़ करने लगे। उन्होंने मेरी फ्रेंड के साथ बस रेप नहीं किया, बाकी सबकुछ किया।”
विरोध करो तो लड़के कपड़े फाड़ने कीधमकी देते हैं
– हॉस्टल में रहने वाली थर्ड ईयर स्टूडेंट ने बताया, “हॉस्टल की खिड़कियों पर लड़के पत्थर में लेटर लिखकर फेंकते है। खिड़कियों पर खड़ा होने पर लड़कियों को अश्लील इशारे करते हैं। विरोध करने पर कहते हैं, कैंपस में दौड़ाकर कपड़े फाड़ देंगे।”
– प्रोटेस्ट में शाम‍िल एक और लड़की ने बताया- “कैंपस में ही लड़के फिजिकली एब्यूज करते हैं। कपड़े फाड़ने की धमकी तक दी जाती है। जब इसकी शि‍कायत करो तो कार्रवाई की जगह खामोश रहने की बात कही जाती है।”
– बीए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट ने बताया, ”एक दिन हॉस्टल में शाम करीब 6 बजे वॉक कर रही थी। पीछे से फेस पर रुमाल बांधे दो बाइक से दो लड़के आए और मेरी चोटी खींचकर भाग गए।”
पहले किया कमेंट, फि‍र गालियां देते हुए भाग गए
– एक दूसरी स्टूडेंट ने बताया- ”नोट्स या किसी काम से हॉस्टल जाना पड़ता है, लौटते समय अंधेरा हो जाता है। अक्सर लड़कों का झुंड लगा रहता है, जो कमेंट करता है, ‘शाम को मत निकला करो। कुछ हो जाएगा तो कहोगी छेड़ दिया। ऐसे कई कमेंट करते हैं।”
– थर्ड ईयर की एक और स्टूडेंट ने बताया- ”जब सेकेंड ईयर में थी तो एक बार फ्रेंड के साथ हॉस्टल लौट रही थी। लाइटें भी नहीं जल रही थीं। बाइक सवार 3 लोग आए और हमें रोक लिया, कहा- ‘इतनी रात में घूम रही हो, जब वि‍रोध किया तो गालियां देते हुए निकल गए।”
– थर्ड ईयर की एक और स्टूडेंट ने बताया, ”एक बार बाहर से फ्रेंड के साथ हॉस्टल आ रही थी, रात के करीब 8 बजे होंगे। दो लड़के चेहरे पर कपड़ा बांधे हुए हमारे पास आए और टच करने लगे। उन्होंने अश्लील हरकत की थी तो हमने विरोध किया और उन्हें दौड़ाया। लगा मामला बढ़ न जाए, इसलिए शांत हो गए। इसके बाद से कोशि‍श रहती थी 6 बजे के पहले ही हॉस्टल में आ जाएं।”
– फर्स्ट ईयर की छात्रा ने बताया, ”एक बार शाम को हॉस्टल में स्कूटी से टहल रही थी। दो लड़के स्कूटी से आए और कुछ कमेंट किया। मैंने अनसुना किया और गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी। लड़के ने पीछे से कोई चीज मारी। उन्होंने गाड़ी ओवरटेक कर आगे लगा दी और नंबर मांगने लगे। मैंने मना किया तो गालियां देने लगे। इस दौरान सामने से कार आती देख वो भाग गए।

स्टूडेंट्स ने एडमिनिस्ट्रेशनलेटर में बताई थी 4 परेशानियां

1. हॉस्टल से आने-जाने का रास्ता सेफ नहीं है। रात में सिक्युरिटी गार्ड्स की तैनाती की जाए।
2. आए दिन रास्ते में छेड़छाड़ की घटनाएं होती रहती हैं।
3. इंटरनेशल स्टूडेंट्स के साथ भी छेड़छाड़ होती रहती है।
4. लड़के हॉस्टल के बाहर आकर आपत्ति‍जनक हरकतें करते हैं।

स्टूडेंट्स ने रखी तीन डि‍मांड
1. आरक्षी (कॉन्टेबल) की तैनाती पूरी रात तक की जाए।
2. हॉस्टल के आसपास लाइट लगाई जाए।
3. हॉस्टल के रास्ते में होने वाली आपत्त‍ि‍जनक हरकतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाएं जाएं।

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बीएचयू
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Opinion Poll
With assembly election ahead With assembly election ahead, well known Digital Media platform clipper28.com has decided to gauge the mood of Chhattisgarh through its own opinion poll. As an aware voter and stakeholder of the democratic process, kindly do answer the following questions so that prevailing mood of state can be ascertained.
Name
Age
Assembly Segment
Phone Number
Which party will emerge as the single largest party?
Which party will win how many seats?
Whom would you like to see as next Chhattisgarh Chief Minister?
Have you witnessed development work in your area?
Do you think that farmers of Chhattisgarh are satisfied with BJP government?
Do you think youngsters are happy with employment scenario created by Chhattisgarh/state government?
Do you think state government has done enough on issue of women empowerment?
Are you satisfied with work done by your legislator? Have electoral promises been fulfilled or not?
Are you satisfied with the amenities provided by the government in your area?
Do you think the state government has successfully tackled naxal menace?
Are you satisfied with work done by different state Ministers?

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ओपिनियन पोल
छत्तीसगढ़ की आगामी विधानसभा चुनाव के लिए डिजिटल मीडिया ‘clipper28.com’ नेसटीक ओपिनियन पोल करनेका निश्चय किया है. अतः आप नीचे दिए सवालों के निष्पक्ष जवाब देंताकि राज्य की आने वाले दिनों की सही सियासी तस्वीर सामनेआ सके. कृपया अपना मत जरूर दें- With assembly election ahead
नाम
विधानसभा क्षेत्र
आयु
फ़ोन नं
विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी कौन सी होगी ?
किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेगी?
अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहेंगे?
क्या आपके क्षेत्र में विकास दिखाई पड़ रहा है?
क्या छत्तीसगढ़ का किसान भाजपा शासन से संतुष्ट है?
जो रोजगार छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया, क्या उससे युवा वर्ग संतुष्ट है?
राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो किया, उससे महिलाएं संतुष्ट हैं?
क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं? उन्होंने अपने वादे पूरे किए या अधूरे हैं उनके काम?
क्या आप अपने क्षेत्र की सरकारी सुविधाओं सेसंतुष्ट हैं?
क्या नक्सली समस्या पर नियंत्रण हुआ है?
क्या प्रदेश के मंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट हैं?
-देश हित के लिए मतदान अवश्य करें-
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