शिवसेना विधायक के खिलाफ FIR दर्ज कर फ़ौरन गिरफ्तारी की मांग, जाने वजह

करणी सेना समेत कई संगठनों ने कंगना रनौत का समर्थन किया

मुंबई: सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या मामले में बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को मुँह तोड़ने की धमकी देने वाले महाराष्ट्र के शिवसेना के विधायक के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग ने FIR दर्ज कर फ़ौरन गिरफ्तारी की मांग की है.

करणी सेना समेत कई संगठनों ने कंगना रनौत का समर्थन करते हुए उनके विरोधियों के खिलाफ मोर्चा खोला है. इस बीच अब कंगना रनौत ने इस विवाद में असहिष्णुता का मुद्दा उठा दिया है.उन्होंने उन लोगों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं जो अब इस विवाद पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं. कंगना ने ट्वीट कर ऐसे लोगों पर तंज कसा है.

कंगना रनौत ट्वीट कर लिखा हैं कि 2008 में मूवी माफिया ने मुझे पागल कहा था, 2016 में चुड़ैल बता दिया था. और अब 2020 में मुझे महाराष्ट्र के एक मंत्री गाली दे रहे हैं. सिर्फ इसलिए क्योंकि मैंने कहा कि एक मर्डर के बाद मैं मुंबई में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हूं. अब कहां गायब हो गई है वो असहिष्णुता गैंगे.

उधर कंगना के इस ट्वीट के बाद यूजर्स ने भी असहिष्णुता गैंग पर हमला बोल दिया है. एक यूजर ने ये दावा किया कि बोलने के अधिकार के नाम पर एक महिला का अपमान किया जा रहा है. यूजर ने यहां तक कहा है कि कंगना ने अपने किसी भी बयान के जरिए शिवाजी महाराज का अपमान नहीं किया है.

असहिष्णुता और अवॉर्ड वापसी गैंग को लेकर कंगना रनौत का ये ट्वीट फिर बवाल खड़ा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है.

कंगना ने बॉलीवुड के नेपोटिस्म को लेकर एक खास तबके पर निशाना साधा हैं. वे लगातार उन लोगों पर सवाल खड़े करती हैं जो सिर्फ कुछ ही मुद्दों पर खुलकर बोलना पसंद करते हैं. उन्होंने इससे पहले भी स्वरा भास्कर और अनुराग कश्यप जैसे सेलेब्स पर अहम मुद्दों पर चुप रहने का आरोप लगाया है.

ऐसे में अब जब कंगना के पोस्टर पर चप्पल मारी गई है, जब उन्हें गाली दी गई है, ऐसे में क्या कोई इसके खिलाफ आवाज उठाता है या नहीं, ये देखने वाली बात होगी. फ़िलहाल लोगों की निगाहे अवॉर्ड वापसी और असहिष्णुता का मुद्दा गरमाने वाले गैंग पर लगी हुई है.

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