छत्तीसगढ़

दीपावली में इस बार राजधानी और न्यायधानी में कम हुआ प्रदूषण

रायपुर : राज्य सरकार के पर्यावरण विभाग की लगातार पहल और आम जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस बार दीपावली में वायु प्रदूषण पिछले साल की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत कम रहा। प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में पिछली दिवाली के मुकाबले इस बार वायु प्रदूषण के स्तर में करीब 38 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। रायपुर शहर में दीपावली के दिन ध्वनि प्रदूषण में भी लगभग 7 प्रतिशत कमी पायी गयी। इस बार रायपुर में ध्वनि की तीव्रता 91.33 डेसीबल रही, जो पिछले साल 97.21 डेसीबल थी। न्यायधानी बिलासपुर में इस बार दिवाली में ध्वनि की औसत तीव्रता पिछले साल की तुलना में 22.5 प्रतिशत कम होकर 82.3 डेसीबल दर्ज की गयी।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के अधिकारियों द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण कम होने के कारण रायपुर और बिलासपुर शहर के निवासियों को इस बार दीपावली की रात काफी सुकून मिला। मण्डल के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दीपावली के मौके पर आम जनता से पटाखों का उपयोग करते समय पर्यावरण नियमों के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी पालन करने की भी अपील की थी। उनकी इस अपील का काफी सकारात्मक असर देखा गया। इसी कड़ी में प्रदेश के पर्यावरण मंत्री राजेश मूणत ने विभागीय अधिकारियों और पर्यावरण संरक्षण मण्डल को दिवाली के दिन हवा और ध्वनि प्रदूषण में कमी लाने के लिए सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये थे। पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव और पर्यावरण संरक्षण मण्डल के अध्यक्ष अमन कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में दीपावली के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए राजधानी रायपुर में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें सतर्क कर दिया था। उनके निर्देश पर शहरों में स्कूली बच्चों और आम नागरिकों के सहयोग से नो-पटाखा नाम से जन जागरण अभियान भी चलाया गया। प्रचार-प्रसार के जरिये आम जनता को पर्यावरण संरक्षण नियमों की जानकारी दी गई। रायपुर जिला प्रशासन ने भी जन जागरण अभियान चलाया। इन सब प्रयासों के फलस्वरूप दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर में काफी गिरावट दर्ज की गई।

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