राष्ट्रीय

दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी, सीपीसीबी ने की सिफारिश

कृत्रिम वर्षा के लिए भी विचार

नई दिल्लीः

दिवाली के बाद प्रदूषण के ‘‘गंभीर से अधिक आपातकालीन’’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के सदस्य ने परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक की और आठ से 10 नवंबर तक दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी की सिफारिश की। सीपीसीबी के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ये वाहन प्रदूषण को बहुत बढ़ाते हैं।

अधिकारी ने कहा कि वे मौसमी स्थितियों के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद कृत्रिम वर्षा के लिए ‘क्लाउड सीडिंग’ की जाएगी। क्लाउड सीडिंग एक प्रक्रिया होती है, जिसके तहत सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और नमक सहित विभिन्न रसायनिक तत्वों का इस्तेमाल करके वर्तमान बादलों को घना बनाया जाता है जिससे वर्षा या बर्फबारी की संभावना बढ़ती है।

आईआईटी कानपुर के एक प्रोफेसर ने कहा कि मौसमी परिस्थितियों के कृत्रिम वर्षा के लिए अनुकूल होने की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2016 में सरकार ने कृत्रिम वर्षा के लिए क्लाउड सीडिंग की संभावना का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन योजना काम नहीं कर पायी। गत वर्ष सरकार ने हेलीकाप्टर से पानी का छिड़काव का प्रस्ताव किया ताकि धूल में कमी लायी जा सके।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले तीन सप्ताह में काफी खराब हो गई है। प्राधिकारियों ने बताया कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार को ‘बहुत खराब’ दर्ज की गईं। प्राधिकारियों ने पिछले वर्ष की तुलना में ‘‘बहुत कम जहरीले पटाखे’’ फोड़े जाने की स्थिति में भी दिवाली के बाद प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी की चेतावनी दी है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 394 दर्ज किया गया जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है।

Tags
advt