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शिक्षाकर्मियों के मुद्दे के मांग पत्र सौपने से पहले प्रांतीय संचालक विकास राजपूत का नया दांव 

रायपुर. शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर नगरीय निकाय पंचायत मोर्चा मांग पत्र सौपने जा रहा है। मोर्चा ये पहले साफ कर चुका है कि जिन 9 मुद्दों के साथ वो हड़ताल में उतरा था, उन्हीं 9 मुद्दों को लेकर वो मांग पत्र पंचायत विभाग को सौपेगा। लेकिन पंचायत मोर्चा के सहयोगी संगठन के तौर हड़ताल में शामिल रहे विकास राजपूत ने अपने संगठन की तरफ से नयी मांग रखी है। विकास राजपूत ने कहा है कि 20 नवम्बर से 4 दिसम्बर 15 दिनों तक चली महाआंदोलन मे शामिल नवीन शिक्षाकर्मी संघ, छ.ग.प.न.नि.शिक्षक संघ, शालेय शिक्षाकर्मी संघ,संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ, प्रदेश शिक्षक पंचायत संघ ने मिलकर शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा बनाया, जिसमे 9 सूत्रीय मांग शामिल किया गया है जिस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है । समय रहते मोर्चा की समीक्षा बैठक नहीं होने के कारण मांग के सम्बन्ध मे कोई ठोस रणनीति नहीं बन पाया है इस बीच शासन द्वारा गठित कमेटी ने भी विभिन्न संगठनों से शिक्षाकर्मियों के मांगो के सम्बन्ध मे सुझाव,प्रस्ताव आमंत्रित किया है । विकास राजपूत ने मोर्चा संचालकों से अपील कि है मांग पत्र देने के पहले मोर्चा के पांचों संचालकों की सयुंक्त बैठक हो मांग पत्र 9 सूत्रीय के स्थान पर 3 सूत्रीय मांग शासन के समक्ष रखा जाय, जिससे संविलियन सहित आर्थिक मुद्दों पर ही शासन निर्णय करने मजबूर हो जब संविलियन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु पर चर्चा मोर्चा द्वारा व शासन द्वारा किया जायेगा तो बाकी मांगो को शासन के समक्ष रखने का कोई औचित्य नही है मांग पत्र मे चर्चा कर सभी संचालको के सहमति से निम्न बिंदुओं को शासन या कमेटी के समक्ष रखा जाये.
इन मांगों को रखने के लिए दिया हैं प्रस्ताव 
1.आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग को 2003 व 2007 की तरह पुनरीक्षित वेतनमान प्रदान कर एक ही पद पर 10 वर्ष कार्य करने वाले शिक्षक पंचायत संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाय।
2.पंचायत विभाग मे लगातार आठ वर्ष तक कार्य करने के बाद भी 2013 से देय पुनरीक्षित वेतनमान छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षित नियम 2009 के अनुसूची 02 जो नये शासकीय कर्मचारियो को प्रदान किया जाता है इनके स्थान पर नियम 07 व 11 विद्यमान मूल वेतनमान अनुसूची 01 वेतन निर्धारण तालिका 1 से 18 के अनुसार
प्रदान कर वेतन विसंगति मे सुधार कर समयमान व क्रमोन्नत वेतनमान के आधार पर सहायक शिक्षक पंचायत को 9300+4200, शिक्षक पंचायत 9300+4300 व व्याख्याता पंचायत  9300+4800 के आधार पर गणना कर वेतन भुगतान किया जाय।
3.राजस्थान व महाराष्ट्र राज्य की तरह पंचायत,जिला परिषद, नगरपालिका परिषद मे कार्यरत शिक्षको की तरह स्थानीय निकाय,पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग मे सेवा हस्तांतरण, संविलियन प्रक्रिया प्रारम्भ किया जाय।
रायपुर. शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर नगरीय निकाय पंचायत मोर्चा मांग पत्र सौपने जा रहा है। मोर्चा ये पहले साफ कर चुका है कि जिन 9 मुद्दों के साथ वो हड़ताल में उतरा था, उन्हीं 9 मुद्दों को लेकर वो मांग पत्र पंचायत विभाग को सौपेगा। लेकिन पंचायत मोर्चा के सहयोगी संगठन के तौर हड़ताल में शामिल रहे विकास राजपूत ने अपने संगठन की तरफ से नयी मांग रखी है। विकास राजपूत ने कहा है कि 20 नवम्बर से 4 दिसम्बर 15 दिनों तक चली महाआंदोलन मे शामिल नवीन शिक्षाकर्मी संघ, छ.ग.प.न.नि.शिक्षक संघ, शालेय शिक्षाकर्मी संघ,संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ, प्रदेश शिक्षक पंचायत संघ ने मिलकर शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा बनाया, जिसमे 9 सूत्रीय मांग शामिल किया गया है जिस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है । समय रहते मोर्चा की समीक्षा बैठक नहीं होने के कारण मांग के सम्बन्ध मे कोई ठोस रणनीति नहीं बन पाया है इस बीच शासन द्वारा गठित कमेटी ने भी विभिन्न संगठनों से शिक्षाकर्मियों के मांगो के सम्बन्ध मे सुझाव,प्रस्ताव आमंत्रित किया है । विकास राजपूत ने मोर्चा संचालकों से अपील कि है मांग पत्र देने के पहले मोर्चा के पांचों संचालकों की सयुंक्त बैठक हो मांग पत्र 9 सूत्रीय के स्थान पर 3 सूत्रीय मांग शासन के समक्ष रखा जाय, जिससे संविलियन सहित आर्थिक मुद्दों पर ही शासन निर्णय करने मजबूर हो जब संविलियन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु पर चर्चा मोर्चा द्वारा व शासन द्वारा किया जायेगा तो बाकी मांगो को शासन के समक्ष रखने का कोई औचित्य नही है मांग पत्र मे चर्चा कर सभी संचालको के सहमति से निम्न बिंदुओं को शासन या कमेटी के समक्ष रखा जाये.
इन मांगों को रखने के लिए दिया हैं प्रस्ताव 
1.आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग को 2003 व 2007 की तरह पुनरीक्षित वेतनमान प्रदान कर एक ही पद पर 10 वर्ष कार्य करने वाले शिक्षक पंचायत संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाय।
2.पंचायत विभाग मे लगातार आठ वर्ष तक कार्य करने के बाद भी 2013 से देय पुनरीक्षित वेतनमान छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षित नियम 2009 के अनुसूची 02 जो नये शासकीय कर्मचारियो को प्रदान किया जाता है इनके स्थान पर नियम 07 व 11 विद्यमान मूल वेतनमान अनुसूची 01 वेतन निर्धारण तालिका 1 से 18 के अनुसार
प्रदान कर वेतन विसंगति मे सुधार कर समयमान व क्रमोन्नत वेतनमान के आधार पर सहायक शिक्षक पंचायत को 9300+4200, शिक्षक पंचायत 9300+4300 व व्याख्याता पंचायत  9300+4800 के आधार पर गणना कर वेतन भुगतान किया जाय।
3.राजस्थान व महाराष्ट्र राज्य की तरह पंचायत,जिला परिषद, नगरपालिका परिषद मे कार्यरत शिक्षको की तरह स्थानीय निकाय,पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग मे सेवा हस्तांतरण, संविलियन प्रक्रिया प्रारम्भ किया जाय।</>
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