दूसरे प्रदेशों की पंजीकृत गाड़ियों को अब नया नंबर लेना होगा, नहीं तो हो सकता है जेल

रायपुर।

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने अब अपने नियमों को लेकर सख्ती बरतना चालू कर दिया है। अगर आप भी दूसरे राज्यों की गाड़ी यहां चलाते हैं तो यह खबर जरूर पढ़ें।

छत्तीसगढ़ में चल रही दूसरे प्रदेशों की पंजीकृत गाडिय़ों को अब नया नंबर लेना होगा। यह व्यवस्था व्यावसायिक वाहनों के साथ बाइक और कार पर भी लागू होगी। सीमा बैरियर और उडऩ दस्ता भंग होने के बाद परिवहन विभाग ने पंजीयन नियमों पर सख्ती करने की कोशिश शुरू कर दी है।

अफसरों ने बताया कि दूसरे प्रदेश की गाडि़यों को छत्तीसगढ़ में चलाने के लिए उस जिले के परिवहन कार्यालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लाना होगा, जहां उस गाड़ी का पंजीयन है।

गाड़ी मालिक रोड टैक्स की शेष अवधि भी आरटीओ कार्यालय से वापस ले सकते हैं। छत्तीसगढ़ में आने के बाद संबंधित जिले के आरटीओ कार्यालय में एनओसी के साथ आवेदन देना होगा। आरटीओ इस आवेदन के साथ रोड टैक्स जमा करेगा और नया पंजीयन नंबर आवंटित करेगा।

बाइक-कारों को एक वर्ष की छूट

बाइक और निजी कारों को पंजीयन कराने के लिए एक वर्ष की छूट मिलेगी। लेकिन, गाड़ी एक वर्ष से कम समय से चल रही है, यह साबित करने की जिम्मेदारी भी गाड़ी मालिक की होगी। उसके लिए बीमा के कागज, रेलवे की बिल्टी जैसे कागज काम में आ सकते हैं।

ऐसे समझिए टैक्स का खेल

रायपुर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पुलक भट्टाचार्य के अनुसार एक मोटरसाइकिल की सामान्य उम्र 15 वर्ष मानी गई है। पंजीयन के समय इसी मान से रोड टैक्स जमा किया जाता है। छत्तीसगढ़ में यह दर बाइक की कुल कीमत का 7 प्रतिशत है। पड़ोसी राज्यों में यह 4 से 9 प्रतिशत तक भी है। यदि ओडिसा में पांच वर्ष तक चली कोई गाड़ी रायपुर में आती है, तो उसे शेष 10 वर्षों का रोड टैक्स जमा करना होगा।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त ओपी पाल ने कहा कि रोड टैक्स का भुगतान किए बिना चल रही गाडिय़ों की जांच होगी। इसके लिए सभी आरटीओ को निर्देशित कर दिया गया है।

ऐसी होंगी टैक्स दरें

कार : कुल कीमत का 9 प्रतिशत
बाइक : कुल कीमत का 7 प्रतिशत

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