छत्तीसगढ़

धान और मक्का बेचने वाले नये किसानों का पंजीयन 31 अक्टूबर तक

पुराने किसानो को धान और मक्का बिक्री के लिए नहीं कराना पड़ेगा पंजीयन

रायपुर, 19 अक्टूबर 2020 : खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का बेचने वाले नये किसानों का पंजीयन 31 अक्टूबर तक किया जाएगा। राज्य शासन के निर्देशानुसार धान और मक्का बेचने के लिए पुराने पंजीकृत किसानो को फिर से पंजीयन कराने समिति में आने की आवश्यकता नहीं है। धान और मक्का बेचने के इच्छुक नए किसान 31 अक्टूबर तक पंजीयन के लिए आवेदन कर सकते हैं। धान-मक्का बेचने वाले नए किसान पंजीयन के लिए संबंधित दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

खरीफ वर्ष 2020-21 में किसान पंजीयन

राज्य के जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2019-20 में धान और मक्का बेचने का पंजीयन करा लिया था, उन्हें नए पंजीयन की जरूरत नहीं है। पिछले सीजन में पंजीकृत किसानों की दर्ज भूमि, धान और मक्के के रकबे और खसरे को राजस्व विभाग द्वारा अद्यतन किया किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2020-21 में किसान पंजीयन के लिए पिछले वर्ष 2019-20 में पंजीकृत किसानों का डाटा कैरी-फॉरवर्ड किया गया है। पुराने पंजीकृत किसान अपने पंजीयन में संशोधन कराना चाहते हैं तो समिति मॉड्युल के माध्यम से संशोधन करने की सुविधा दी जा रही है।

कोरबा जिले में अब तक एक हजार 104 नये किसानों ने धान बेचने के लिये समितियों में अपना पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष 27 हजार 694 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिये सहकारी समितियों में पंजीयन कराया था। इन्हें मिलाकर इस वर्ष 28 हजार 718 किसानों का पंजीयन कर खेतों में लगे धान के वास्तविक रकबे का सत्यापन तेजी से किया जा रहा है। जिले में अब तक नये-पुराने मिलाकर 15 हजार 419 किसानों के धान के रकबे को सत्यापित कर खसरे में इंद्राज किया गया है।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button