आबादी भूमि की अब रजिस्ट्री शुरू, साफ्टवेयर किया गया अपडेट

अंकित मिंज

बिलासपुर। आबादी भूमि की खरीदी-बिक्री अब हो सकेगी। गुरुवार से यह पूरे प्रदेश में प्रारंभ हो गयी है। शहर के कई इलाके की आबादी भूमि जद में है। जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रदेश में की जा रही है। इसमें भुइंया योजना को भी लिंक किया गया है। लेकिन जमीन की रजिस्ट्री संबंधित भुइंया से आबादी भूमि की खरीदी-बिक्री संबंधित साफ्टवेयर को अपडेट नहीं किया था।

इसके चलते बिलासपुर जिला समेत राज्य के सभी नगरीय निकायों के क्षेत्र में आने वाले आबादी जमीन की खरीदी-बिक्री नहीं हो पा रहीं थी। लोग परेशान हो रहे थे। अब राहत मिल गई है।इनके हो रहे हैं पंजीयन: भुईंया योजना के साफ्टवेयर में परिवर्तित भूमि, नजूल भूमि, कृषि भूमि साफ्टवेयर में दर्ज है। इसी वर्ग की जमीनों की खरीदी-बिक्री हो रहीं थी।

नगरीय निकाय क्षेत्रों में सबसे अधिक आबादी भूमि है। अब शुरू हुई आबादी भूमि की रजिस्ट्री: आबादी भूमि का लिंक होने के बाद भी साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ था। इसके चलते आबादी भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो रहीं थी। जिले में लगभग एक सौ से अधिक मामले लंबित थे। इसी तरह राज्य में लगभग 15 हजार प्रकरण लंबित रहे। राज्य मुख्यालय के पंजीयन महानिरीक्षक कार्यालय ने इस साफ्टवेयर को अपडेट कर दिया है। जिले समेत प्रदेश में गुरूवार से आबादी भूमि की खरीदी-बिक्री शुरू हो गई है।

पहले दिन कोई नहीं पहुंचा

जिले में भुईंया साफ्टवेयर में आबादी भूमि के खरीदी-बिक्री का पंजीयन शुरू हो गया है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय के उप पंजीयन कार्यालय में कोई भी व्यक्ति आबादी जमीन का पंजीयन कराने नहीं पहुंचा। शहर में ये क्षेत्र आबादी की श्रेणी में: शहर में जूना बिलासपुर, तारबाहर क्षेत्र का कुछ इलाका आबादी भूमि की श्रेणी में है। अब इस भूमि की भी रजिस्ट्री हो सकेगी।

आबादी भूमि का पंजीयन प्रारंभ

जिले में आबादी भूमि का पंजीयन प्रारंभ हो गया है। लेकिन आबादी भूमि का पंजीयन कराने शुक्रवार को कोई नहीं पहुंचा। जगत सिंह आर्मों, उप महानिरीक्षक, पंजीयन, बिलासपुर

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