4500 अवैध निर्माणों को नियमित करना प्रशासन की चुनौती

रायपुर।

मुख्यमंत्री ने नियमितीकरण के प्रकरणों को एक माह के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। अहम बात यह है कि रायपुर नगर निगम की लापरवाही के कारण यह एक माह का टारगेट भी पूरा नहीं हो पाएगा। क्योंकि नियमितीकरण के लिए 4500 प्रकरण अभी भी लंबित हैं। इनमें से 3000 से ज्यादा प्रकरणों की साइट रिपोर्ट नगर निगम ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को नहीं दी है।

आचार संहिता के खत्म होने के 1 माह बाद भी जिला प्रशासन और नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की बैठक नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 21 जनवरी को समिति की बैठक होगी। इससे पहले बैठकें सितम्बर 2018 के बाद एक भी नहीं हुई हैं। पहले हुई 38 बैठकों में 14000 प्रकरणों का निराकरण हो पाया है, जबकि जिले में 19800 आवेदन विभाग के पास पहुंचे थे।

आवेदनों के आधार पर 16000 प्रकरणों की स्थल निरीक्षण व निर्माण को नापकर निगम ने साइट रिपोर्ट दे दी है। जिन्हें नियमितीकरण समिति द्वारा रेगुलर किया जाएगा। चार हजार से ज्यादा निर्माण इसलिए रेगुलर नहीं किए जा सके, क्योंकि निगम अमले को डेढ़ साल में इन्हें नापकर स्थल निरीक्षण रिपोर्ट ही डेढ़ साल बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को नहीं दी है।

सीएम ने जारी किए निर्देश

नियमितीकरण के लंबित प्रकरणों का एक माह में निराकरणकरने के निर्देश शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधित जिला कलक्टरों को शिविर भी आयोजित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश के बाद कलक्टर डॉ. बसव राजू एस. ने नगर निगम सीमा क्षेत्र में सम्मिलित ग्रामों के शासकीय भूमि को संरक्षित और अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर निगम व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की है। संयुक्त दल स्थल निरीक्षण कर 1 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट अनुविभागीय अधिकारी रायपुर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

अब जनवरी तक ही हो पाएगी सुनवाई

विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की वजह से आवेदनों पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। अब जनवरी के पहले सप्ताह में सुनवाई होगी। करीब तीन महीने तक तीन हजार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। प्रशासन, निगम समेत लगभग सभी सरकारी दफ्तरों के अफसरों की ड्यूटी चुनाव कार्य लगाई गई थी। इस वजह से नियमितीकरण के आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

कलेक्टर ने कहा रद्द करो आवेदन

विभाग को मिले 18800 आवेदनों में से अधिकांश के जरूरी दस्तावेज ही अपूर्ण हैं। इनके लिए कलक्टर ने सभी आवेदनकर्ताओं के आवेदनों को रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सिर्फ 77 अवेदन रद्द किए गए।

अब तक 38 बैठकें

कलक्टर की अध्यक्षता में अब तक कुल 38 बैठकें हुई है। पूर्व कलक्टर ने प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। फिर भी फील्ड निरीक्षण और अपूर्ण दस्तावेज के साथ विभाग के पास स्टाफ की कमी से विलंब होता जा रहा है।

नगर एवं ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक संदीप बागड़े ने बताया कि अब आचार संहिता लगने के कारण बैठकें नहीं हुई हैं। जनवरी के प्रथम सप्ताह में कलक्टर ने बैठक आयोजित करने के संबंध में निर्देश दिए हैं।

1
Back to top button