बाइडेन सरकार में और भी मजबूत हुए भारत और अमेरिका के संबंध

भारतीय राजदूत तरनजीत संधू ने बताया कि भारत-अमेरिका के संबंध स्टडी अपवर्ड पाथ पर है।

delhi: अमेरिका में जो बाइडेन सरकार के दौरान भारत और अमेरिका के संबंधो में और अधिक मजबूती आई है। अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत संधू ने इस बारे में बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार के पहले 100 दिन में भारत और अमेरिका के बीच की उच्च-स्तरीय बातचीत इंगित करती है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और अधिक सुदृढ़ हो रहे हैं। गौरतलब हो उनका यह बयान इस साल के अंत तक होने वाली क्वाड की शिखर बैठक से पहले आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सहित ऑस्ट्रेलिया और जापान के शीर्ष नेतृत्व वार्ता करेंगे।

बाइडेन सरकार के पहले 100 दिन का आकलन कर सामने आई ये बात

भारतीय राजदूत तरनजीत संधू ने बताया कि भारत-अमेरिका के संबंध स्टडी अपवर्ड पाथ पर है। बाइडेन सरकार के पहले 100 दिन यदि हम देखते हैं तो पाएंगे कि इस अवधि में भारत के साथ अमेरिका की काफी हाई-लेवल इंटरेक्शन हुई हैं। इस दौरान राष्ट्रपति बाइडेन ने तीन बार पीएम मोदी से बात की है। वहीं उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी इसी महीने पीएम मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की थी। उसके बाद यहां क्वाड और क्लाइमेट चेंज की दो महत्वपूर्ण सम्मिट हुईं, जिनके सब्सटेंटिव आउटकम आए हैं। दरअसल, इन दोनों सम्मिट में ही प्रधानमंत्री मोदी को बहुत सम्मान मिला है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका की यात्रा रही काफी महत्वपूर्ण

वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर बीते महीने अमेरिका की यात्रा पर गए थे। उस दौरान उन्होंने वहां कई महत्वपूर्ण मुलाकात भी की। इधर, अमेरिका के रक्षा सचिव जनरल लॉयड ऑस्टिन और स्पेशल एन्वॉय जॉन कैरी भारत आए और भारत के विभिन्न मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान भारत के वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री, ऊर्जा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री ने यूएस काउंटर पार्ट्स के साथ बातचीत की। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से रेग्युलरली बात करते रहते हैं।

भारत और अमेरिका का रिश्ता पांच मुद्दों पर खड़ा

तरनजीत संधू ने कहा, भारत और अमेरिका का रिश्ता पांच मुद्दों पर खड़ा हुआ है। आगे जोड़ते हुए वे बताते हैं कि भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और भारत के साथ महामारी के विरुद्ध लड़ाई में एकजुटता की बात कही और उसके बाद ही अमेरिका की और से 7 प्लेन लोड 100 मिलियन कोविड एसेन्शियल मेडिकल सप्लाई भारत पहुंची। केवल इतना ही नहीं, यूएस कांग्रेस में भी भारत को सपोर्ट मिला। प्राइवेट सेक्टर से विभिन्न कंपनियों ने 350 मिलियन असिस्टेंस व डिफरेंट मेडिकल आइटम्स, उन्होंने भारतीय लोगों को सप्लाई किए।

तरनजीत संधु कहते हैं कि इस मौके पर पांच क्षेत्र जो मैंने बताएं हैं, हैल्थ केयर ऑफ फार्मा, आईटी डिजिटल स्पेस, एनर्जी सेक्टर एजुकेशन, नॉलेज पार्टनरशिप और फाइनली डिफेंस और स्ट्रेटेजिक रिलेशनशिप हैं, इंडो पैसिफिक और क्वाड पर। इन सबको मिलाकर भारत और अमेरिका का रिश्ता काफी मजबूत होता नजर आता है।

भारत को मिला अमेरिका के सीनियर लीडर्स का समर्थन

तरनजीत संधू यह भी बताते हैं कि अमेरिका में यूएस कांग्रेस एक प्रमुख इंस्टिट्यूशन है। हमारी अप्रोच इसके साथ बड़ी क्लियर और फोकस्ड रही है। बाइडेन प्रशासन के 100 दिनों में भारत को जो नतीजे मिले हैं, वह बड़ा उत्साहवर्धन करने वाले हैं। यदि पिछले कुछ हफ्तों की ही बात करें तो 150 से ज्यादा कांग्रेसमैन और सीनेटर्स ने स्टेटमेंट, लेटर्स या ट्वीट भारत के लोगों के समर्थन और मजबूती में किए हैं। सबसे खास बात ये है कि अमेरिका के सीनियर कांग्रेसमैन, लीडर्स ने भारत की मजबूती को लेकर स्टेटमेंट दिए हैं। वहीं सीनेट के लोगों ने भी बाहर निकलकर भारत का समर्थन किया है। अमेरिका का रिश्ता भारत के साथ पुराना और अच्छा तो रहा ही है लेकिन इस बार बियॉन्ड ट्रेडिशनल बाकी के लोगों के साथ भी भारत के रिश्ते की मजबूती नजर आई है।

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