रिलेशनशिप अगर आप भी है अपने पार्टनर पर डिपेंड, तो हो जाएँ सावधान

शुरू में भले ही यह अच्छा लगे लेकिन धीरे-धीरे इससे घुटन महसूस होने लगती है, जिसे कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप भी कहते हैं।

रिलेशनशिप की शुरुआत में कुछ लोग अपने पार्टनर पर इतना निर्भर हो जाते हैं कि वह अपनी जिंदगी के फैसले भी खुद नहीं ले पाते।

शुरू में भले ही यह अच्छा लगे लेकिन धीरे-धीरे इससे घुटन महसूस होने लगती है, जिसे कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप भी कहते हैं।

कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप के शिकार व्यक्ति अक्सर खुद की कीमत और पहचान खो देते है और पार्टनर की सोच पर ही डिपेंड हो जाते है।

महिलाएं ज्यादा रहती हैं पार्टनर पर निर्भर

शोध के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा अपने पार्टनर पर निर्भर रहती हैं। महिलाएं अपने पार्टनर को खुश रखने के चक्कर में अपनी सभी इच्छाओं को मार देती हैं।

कुछ महिलाएं तो अपने आत्मसम्मान से समझौता करके सिर्फ पार्टनर की खुशी का ख्याल रखती है लेकिन बदलें में उन्हें कुछ नहीं मिलता।

हालांकि महिलाओं को इस बार का अहसास भी नहीं होता कि वह कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप का शिकार हैं।

क्यों खतरनाक है कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप

इस तरह के रिश्ते में प्यार कम और झगड़े, जलन व झूठ की संभावनाए ज्यादा होती है। ऐसे रिश्ते में आप चाहे कितनी भी कोशिश कर लें लेकिन अपने पार्टनर को खुश नहीं कर पाती।

अगर आप अपने पार्टनर से रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती तो कम से कम उनपर डिपेंड ना रहें।

कोडिपेंडेंट के शिकार लोग हो जाते है कमजोर

कोडिपेंडेंट किसी भी रिश्ते में पैदा हो सकती है। कुछ शोधों में पता चला है कि जो लोग बचपन में माता-पिता से दुत्कारे जाते है वह इसके ज्यादा शिकार होते हैं।

ऐसे लोग दूसरों के लिए अपनी खुशियों की कुर्बानी दे देते हैं और दूसरों से उम्मीद रखने की आदत को अपना लेते है। दूसरों पर डिपेंड हो जाना उनकी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है।

बन सकता है डिप्रेशन का कारण

कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप में लोग अक्सर सोचते हैं कि पार्टनर का साथ नहीं है तो सब बेकार है। इसकी वजह से वह दूसरों से भी कटे-कटे रहते हैं और सिर्फ पार्टनर के बारे में सोचते रहते हैं।

साथी के बिना उन्हें सबकुछ बेकार और अजीब लगता है, जिसके चलते कई बार लोग डिप्रेशन का शिकार भी हो जाते हैं।

नेगेटिव रिज्लट्स

कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप का रिजल्ट यह निकलता है कि हम पूरी तरह टूट जाते है और अपने पार्टनर से दूर हो जाते है। इसके अलावा प्रोफेशनल लाइफ में भी गड़बड़ होने लगती है।

कई लोग ऐसी हालत से बचने के लिए दवाइयां खाने लगते है लेकिन इसके चक्कर में वह अपनी सेहत को नुकसान पहुंचा लेते हैं।

कैसे पाएं कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप से छुटकारा

हो सके तो कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप को अवॉइड करें। इससे आप इमोशनली फ्री, इंडिपेंडेंट और हेल्दी लाइफ को एंजॉय कर सकेंगी।

कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप में जितनी भी कोशिश कर लें, आप अपने पार्टनर से अच्छे रिश्ते नहीं बना पाती क्योंकि ऐसे रिश्ते में सिर्फ उम्मींदे और इच्छाएं ही बढ़ती है। ऐसे में बेहतर यही होगा कि आप इस तरह के रिश्ते को छोड़ आगे बढ़ें।

शेयर और केयर साथ-साथ

एक-दूसरे की खुशियों को अहमियत दें लेकिन इसके चक्कर में खुद पर ध्यान देना ना छोड़ें।

अगर आपको किसी बात की कोई परेशानी हो तो पार्टनर से बात करें। साथ ही कोडिपेंडेंट रिलेशनशिप को जितना हो सके शुरु में ही सुधारने की कोशिश करें।

दोस्तों के साथ बिताएं वक्त

इस तरह की रिलेशनशिप से निकलने के लिए परिवार व दोस्तों के साथ भी समय बिताएं। इससे आपका ध्यान पार्टनर से हटकर अन्य चीजों में लगेगा और आप बेहतर महसूस करेंगी।

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