कबीरधाम / प्रवासी श्रमिकों को राहत पहुँचाने आश्रम-छात्रावास बना राहत शिविर

राहत शिविर में प्रवासी श्रमिकों नियमित हो रहा है स्वास्थ्य परीक्षण, शिविर में भोजन,पानी और ठहरने की उत्तम व्यवस्था।

हिमांशु सिंह ठाकुर ब्यूरो कवर्धा की रिपोर्ट।

कवर्धा : नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के नियंत्रण और पूर्ण रोकथाम के लिए जारी लाॅकडाउन दौरान कबीरधाम जिले में दूसरे राज्यों व पड़ोसी जिलों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए जिले में कवर्धा, बोडला, पंडरिया और सहसपुर लोहारा विकाखण्ड में विशेष राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है।

कवर्धा विकासखण्ड के ग्राम भागूटोला में विशेष राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है। वहीं जिले के आदिवासी बाहूल विकाखण्डों में संचालित आश्रम-छात्रावासों को प्रवासी श्रमिकों के लिए राहत शिविर के रूप में संचालन किया जा रहा है।

कबीरधाम / प्रवासी श्रमिकों को राहत पहुँचाने आश्रम-छात्रावास बना राहत शिविर

प्रवासी श्रमिकों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो और उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता रहे, इसके लिए कलेक्टर अवनीश कुमार शरण द्वारा अलग-अलग अधिकारियों का जिम्मेदारी दी गई है कवर्धा विकासखण्ड के ग्राम भागूटोला में संचालित इस राहत शिविर में 50 श्रमिकों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और आराम करने के लिए उत्तम व्यवस्था कराई गई है।

 प्रवासी श्रमिकों के लिए बनाए गए राहत शिविर में 32 श्रमिकों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

इस शिविर में आज सुबह 32 श्रमिकों को स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि किसी भी श्रमिक में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखे है। राहत शिविर में ठहरे प्रवासी श्रमिक अधिकाशः मध्यप्रदेश के बिछिया के रहने वाले है। कोराना वायरस के रोकथाम के लिए जारी लाॅकडाउन के दौरान सभी श्रमिक अपने घर लौट रहे थे सभी श्रमिकों को कबीरधाम जिले के प्रवेश द्वार दशरंगपुर बेरियर में रोक लिया गया है।

श्रमिकों के लिए बनाए गए राहत शिविर

पूछताछ में बताया कि सभी श्रमिक अपने घर लौट रहे है। कलेक्टर अवनीश कुमार शरण के निर्देशन पर सभी श्रमिकों को प्रवासी श्रमिकों के लिए बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया। कवर्धा एसडीएम विपुल गुप्ता ने बताया कि आज सुबह सभी श्रमिको का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है इस शिविर में दाखिला करने के पहले सभी श्रमिकों के लिए सबसे पहले साबून से हाथ और पैर धोने की व्यवस्था की गई है। इसके बाद उन्हे प्रवेश कराया जा रहा है।

प्रवेश के बाद सभी श्रमिको की उनकी यात्रा हिस्ट्री की जानकारी ली जा रही है। सभी श्रमिकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से अपने और परिवार को सुरक्षित रखने लिए विशेष तौर पर जानकारी दी जा रही है। यहां श्रमिकों को बताया जाता है कि कोरोना वायरस के बहुत ही संक्रामक बीमारी है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक बहुत जल्दी से यह फैलता है।

बीमारी का रोके का एक मात्र समाधान सोशल डिस्टेन्सिंग

इस बीमारी को रोके का एक मात्र समाधान सोशल डिस्टेन्सिंग है। इसके अलावा जब भी बिना काम के घर से बाहर नहीं निकलना है। जब भी बाहर से आप घर आए तो अच्छी तरह से हाथों को साबून से धोना है। अपने हथेलियों को बार-बार चेहरे, नाक, आंख को नहीं छूना है। यही से इस बीमारी की शुरूआत होती है। इसलिए हथेलियों से मुह, आंख,नांक और कांन को बिल्कुल नही छुना चाहिए।

खांसते और छिकते समय रूमाल या गमछे का इस्तेमाल करना चाहिए। रूमाल और गमछे को प्रत्येक दिन अच्छी तरह से धोना बहुत जरूरी हैं। श्रमिकों को कोरोना वायरस के लक्षण् के बारे में बताया जा रहा है,ताकि वह अपने घर पहुंचकर अपने परिवार का सुरक्षित रख सके और अच्छी तरह से देखभाल कर सके उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए जारी लाॅकडाउन के दौरान श्रमिकों को राहत पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है।

कलेक्टर अवनीश कुमार शरण द्वारा कबीरधाम जिले में कोविड-19 कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थियों के परिपेक्ष्य में संकटापन्न जरूरत पंजीकृत श्रमिकों, कर्मचारी को आवश्यकतानुसार तत्कालिन सहायता प्रदान करने के लिए जिला हेल्प लाईन नम्बर 07741-232609 6265363846, 8959375295, 9425245724 जारी किया है। श्रमिको को राहत पहुंचाने के लिए जारी इस हेल्प लाइन पर लागतार दूसरे राज्यों से फोन भी आ रहे है।

दूसरे राज्यों में फसे श्रमिको को राहत पहुंचाने के लिए कलेक्टर शरण द्वारा व्यक्तिगत रूप से श्रमिकों की समस्यााओं को त्वरित समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है।

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