छत्तीसगढ़

धार्मिक भावना के अनुसार होगा राजिम माघी-पुन्नी मेले का आयोजन : ताम्रध्वज साहू

हितेश दीक्षित:

गरियाबंद: गृह, जेल, धार्मिक न्यास, धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने राजिम माघी पुन्नी मेला की तैयारियों के संबंध में मंदिर परिसर राजिम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ बैठक की। उनके साथ वन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार, विधायक अभनपुर धनेन्द्र साहू एवं राजिम विधायक अमितेश शुक्ल उपस्थित थे।

19 फरवरी से 4 मार्च तक राजिम माघी पुन्नी मेले का आयोजन

बैठक को सम्बोधित करते हुए धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि 19 फरवरी से 4 मार्च तक राजिम माघी पुन्नी मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले के स्वरूप में बेहतर परिवर्तन के साथ ही धार्मिक भावना के अनुसार मेले का आयोजन किया जाएगा।

साहू ने कहा कि नदियों में प्रदूषण न हो इसलिए इस बार नदी में शौचालय नहीं बनाए जायेगें, बल्कि नदी के दोनों पार में शौचालयों की व्यवस्था की जायेगी। नदी के अन्दर मुरूम की सड़क नहीं बनेगी। दर्शनार्थी पद यात्रा कर कुलेश्वर महादेव का दर्शन करने जायेंगे।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम

जरूरत के अनुसार नदी की रेत को दोनांे ओर से खींच कर सड़क बनाया जाएगा। पर्यावरण का नुकसान न हो, इसका विशेष ख्याल रखा जाएगा। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तीन मंच बनाए जाएगें। इन मंचों में पंडवानी, भरथरी , राउत नाचा, पंथी जैसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम होंगे।

सांस्कृतिक मंचों में प्रवचन के लिए इस बार प्रदेश के प्रबुद्धजनों को पहले समय दिया जायेगा। इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रदर्शन के लिए प्रमुख रूप से स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जायेगा। मेले के दौरान कबड्डी, फुगड़ी, जलेबी दौड़ और स्थानीय खेलों का भी आयोजन किया जाएगा।

लुप्त हो रहे संस्कृति को संजोने का प्रयास

छत्तीसगढ़ के मेला, महोत्सव और संस्कृति के संरक्षण तथा लुप्त हो रहे संस्कृति को संजोने का प्रयास भी किया जाएगा। इस दौरान संस्कृति मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से आयोजन के संबंध में सुझाव लिये।

लोगों के सुझाव पर पाॅलीथिन के प्रतिबंध, राजीव लोचन एवं कुलेश्वर महादेव मंदिर की साथ-सफाई, स्नान स्थल में महिलाओं हेतु अलग से चेंजिंग व्यवस्था, पुलिस सेवा को बेहतर बनाने, रामायण के आयोजन आदि अन्य कई सुझावों पर अपनी सहमति दी।

राजिम माघी-पुन्नी मेले अत्यंत महत्वपूर्ण

वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि गजेटियर के अनुसार राजिम माघी-पुन्नी मेले अत्यंत महत्वपूर्ण है, इस मेले में वर्षो से काफी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों को विशेष महत्व देना चाहिए। उन्होंने कहा संस्कृति मंत्री ताम्रध्वज साहू के प्रस्ताव पर मेले का मूल स्वरूप फिर से वापस आ सका।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने कहा कि राजिम माघी पुन्नी मेले में पीने के लिए स्वस्छ पानी की व्यवस्था की जाएगी। मेले की व्यवस्था में शासन की ओर से कोई कमी नहीं होगी। कोई भी उचित मंाग आएगी, उसे पूरा किया जायेगा।

पुन्नी मेला को भव्य रूप देकर आयोजन का निर्णय

अभनुपर विधायक धनेन्द्र साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि सांस्कृतिक विरासत राजिम माघी पुन्नी मेला को भव्य रूप देकर आयोजन का निर्णय लिया गया है। राजिम छत्तीसगढ़ का प्रमुख तीर्थ स्थान और भगवान राजीव लोचन तथा कुलेश्वर महादेव की पवित्र भूमि है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों को बिना व्यवधान पहुंचाए मेले का आयोजन करना शासन का दायित्व है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति समृद्ध है। हमे कहीं से उधार की संस्कृति लेने की जरूरत नहीं है ।

राजिम विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार जनता की धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए भव्य रूप से राजिम मेले का आयोजन किया जाएगा। बिना आडम्बर के जन भावना और छत्तीसगढ़ की संस्कृति के अनुसार राजिम मेला का आयोजन होगा।

मेले के दौरान शराब बंदी

मेले के दौरान शराब बंदी भी रहेगी। रायपुर संभाग के कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र, रायपुर रेंज के आई.जी. आनंद छाबड़ा, छत्तीसगढ़ टूरिज्म के मैनेजिंग डायरेक्टर एम.टी. नंदी, संस्कृति विभाग के संचालक चंद्रकांत उईके,

गरियाबंद कलेक्टर श्याम धावड़े, धमतरी कलेक्टर सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस अधीक्षक गरियाबंद एम.आर. आहिरे, पुलिस अधीक्षक धमतरी, बालाजी राव सोमावार, गरियाबंद के वन मण्डलाधिकारी राजेश पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ आर के खुटे और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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