पीएम मोदी की सुरक्षा के दिशा-निर्देश को गृहमंत्री ने बताया नियमों का दोहराव

सिर्फ निर्धारित प्रोटोकाल में बदलाव किए गए हैं।

नई दिल्ली । पीएम मोदी की सुरक्षा के दिशा-निर्देश को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को गृह मंत्रालय में बताया की पीएम की सुरक्षा में परिवर्तन नियमों का दोहराव है.

अधिकारियों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे बड़ा खतरा होने के सुझाव के बाद गृह मंत्रालय ने कहा है कि वीवीआइपी की सुरक्षा व्यवस्था में समय-समय पर हेरफेर किए जाते हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा के दिशा-निर्देश दरअसल मौजूदा नियमों का ही दोहराव हैं।

मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जारी गाइडलाइंस में मौजूदा मानकीकृत प्रक्रिया में हेरफेर किया गया है। कुछ मानकों में तब्दीली की गई है। लेकिन मंत्रियों और अन्य हस्तियों के संबंध में कोई निर्दिष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।

मंत्रालय ने मंत्रियों को भी पीएम से दूर रखे जाने के संबंध में जारी रिपोर्ट पर सफाई देते हुए कहा कि इस व्यवस्था में कोई नए प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं। सिर्फ निर्धारित प्रोटोकाल में बदलाव किए गए हैं।

जून की शुरुआत में हुई थी बैठक

बता दें कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जून की शुरुआत में हुई एक बैठक के दौरान यह फैसला किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को बढ़ाये जाने की जरूरत है। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा और खुफिया ब्यूरो के निदेशक राजीव जैन शामिल हुए थे।


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