खबर का हुआ असर जागा राजस्व विभाग

- हितेश दीक्षित छुरा

छुरा: विकास खंड छुरा अंतर्गत व छुरा के आस-पास बरसात खत्म होते ही बड़ी मात्रा में अवैध रूप से ईंट बनाने का काम किया जाता ईंट ठेकेदारों द्वारा किया जाता है। और इन ईंट को छुरा,राजिम,कोनकेरा व छुरा के आसपास बेची जाती है जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता ही है। और राजस्व का भी नुकसान होता है साथ ही हरे-भरे पेड़ो की भी बलि चढ़ाई जाती है जिससे आज छुरा क्षेत्र के जंगल विनाश की कगार पर खड़े है।

तहसीलदार छुरा के निर्देश के बाद सोमवार को राजस्व अधिकारी ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। जिसके बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित इस व्यवसाय से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। तहसीलदार के मार्गदर्शन में सोमवार को छुरा क्षेत्र के आसपास ग्राम पंडरीपानी के रामजी,लीलाधर, मीराराम,मानंद/लतेल,भुरू/मानू, एवम ग्राम डागनवाय में धनेस्वर साहू, हुमेस्वरी साहू, ग्राम तुमगांव में चिरंजीव देवांगन सहित आधा दर्जन लोगों पर प्रकरण बनाकर माइनिंग विभाग को सौप दिया गया है । लेकिन सवाल यहाँ है कि किया इतनी कार्यवाही से ही अवैध रूप से मिट्‌टी का खनन कर ईंट का निर्माण रुक जायगा? जबकि छुरा तहसील कार्यालय के पीछे महज सौ कदम की दूरी पर भी अबैध ईंट निर्माण कार्य जारी है व खड़वा ,पाण्डुका ,रानीपरतेवा दादर गाँव,कोसमी,नयापारा,मोंगरा,चरोदा में चुरकीदादार रसेला,हिरावतर में अभी भी धड़ल्ले से अबैध ईंट भठ्ठे सुचारु रूप से संचालित हो रहे है।

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