गणतंत्र दिवस: पीएम मोदी ने दी सभी देशवासियों को शुभकामनाएं

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मौके पर विभिन्न राज्यों की झांकियों के साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विकास पर आधारित केंद्र सरकार के विभागों की झांकियां परेड का हिस्सा है. सांस्कृतिक विषय पर आधारित कुछ झांकियों में लोक नृत्य भी हो रहा.

राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे गए 26 बच्चे भी खुली जीप में बैठकर झांकी का हिस्सा बनें. गृह मंत्रालय ने बताया कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड का समय करीब 90 मिनट है. गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्‍होंने ट्विटर में लिखा ‘सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं. जय हिन्द!’

शनिवार को गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मुख्य अतिथि होंगे. गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीदों को पुष्पचक्र चढ़ाकर करेंगे.

11 साल बाद CISF

महात्मा गांधी की ‘समाधि’ को सुरक्षा कवच मुहैया कराने वाले केंद्रीय अर्ध सैनिक बल सीआईएसएफ की झांकी भी इस बार 11 साल के अंतराल के बाद गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा ले रही है. बल की झांकी में महात्मा गांधी की समाधि पर सुरक्षा में तैनात जवानों को दिखाया जाएगा. केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान देश की प्रमुख संस्थाओं और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं. करीब 1.70 लाख कर्मियों वाला यह केंद्रीय अर्धसैनिक बल अपनी स्वर्ण जंयती मना रहा है.

3 साल बाद रेलवे लेगा हिस्‍सा

भारतीय रेल तीन साल के अंतराल के बाद इस साल गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी प्रस्तुत करेगा. इस झांकी में ‘मोहनदास करमचंद गांधी के महात्मा गांधी बनने को दर्शाने के साथ साथ बुलेट ट्रेन और ट्रेन 18 को दर्शाया जाएगा. रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी.

आजाद हिंद फौज के सैनिक पहली बार

पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में आज़ाद हिंद फौज के सैनिक शामिल होंगे. आज़ादी के 71 वर्ष बाद आज़ाद हिंद फौज को ये सम्मान दिया जा रहा है. नेता जी सुभाष चंद्र बोस और उनकी आज़ाद हिंद फौज ने ब्रिटेन के सम्राट के खिलाफ ही विद्रोह किया था. नेता जी सुभाष चंद्र बोस के वीर सैनिक परेड करेंगे.

दिल्‍ली में कड़ी सुरक्षा

गणतंत्र दिवस परेड के मद्देनजर राजपथ से लेकर लालकिले तक के 8 किलोमीटर के परेड मार्ग पर कड़ी निगरानी के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर महिला कमांडो, अचूक प्रहार करने वाली चलती-फिरती टीमें, विमानविरोधी तोपें और अचूक निशानेबाज तैनात किए गए हैं. दिल्ली पुलिस के अनुसार पराक्रम वाहन रणनीतिक स्थानों की गश्ती रहे हैं ताकि सुरक्षा में कोई समझौता न हो. इन वाहनों में एनएसजी प्रशिक्षित कमांडो होते हैं.

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