मध्यप्रदेश

आगर में गायों को लेकर बनेगा रिसर्च सेंटर, गौ-सरंक्षण के लिए ‘काऊ सेस’ लगाने पर विचार, गौ-कैबिनेट के फैसले.. देखिए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके संकेत दिए हैं कि इसी तरह का टैक्स लगाने का मसौदा कमलनाथ सरकार में भी अफसरों ने तैयार किया था।

भोपाल। मध्यप्रदेश की गौ-कैबिनेट की पहली बैठक भोपाल में संपन्न हुई। वर्चुअल बैठक में मंत्रियों के अलावा विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया, गौ कैबिनेट में सीएम ने फैसला लिया कि आगर में गायों को लेकर रिसर्च सेंटर बनेगा। इसके अलावा गौ संरक्षण के लिए ‘काऊ सेस’ लगाने पर भी विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके संकेत दिए हैं कि इसी तरह का टैक्स लगाने का मसौदा कमलनाथ सरकार में भी अफसरों ने तैयार किया था। शिवराज सरकार भी ऐसे ही विकल्पों के जरिए गायों के भरण-पोषण की तैयारी कर रही है।

अंतर सिर्फ इतना है कि कमलनाथ सरकार महंगी कारों, स्टाम्प ड्यूटी और टोल प्लाजा की फीस बढ़ाकर गौशालाओं का निर्माण करना चाहती थी, लेकिन शिवराज सरकार गायों के चारे-भूसे की स्थाई व्यवस्था करने के लिए रजिस्ट्री, वाहन और शराब पर सेस लगाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। सीएम शिवराज ने गौ कैबिनेट में कहा की सरकार गाय पालन के जरिये पर्यावरण संरक्षण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी काम करेगी।

गौ-कैबिनेट की 4 प्रमुख बातें

प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौधन का इस्तेमाल किया जाएगा। स्वावलंबन के लिए गौमाता की अवधारणा को लागू करेंगे। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। गायों के गौबर और गौमूत्र का बेहतर उपयोग कैसेे करें, अधिकारी इस पर सुझाव लें और काम शुरू करें।

प्रदेश और देश में कई गौशालाएं, संस्थाएं इस दिशा में बेहतर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्वसहायता समूहों को गौशालाओं का संचालन करने की सहमति दी। प्रदेश में बड़ी संख्या में गौशालाएं बनाई जाएंगी और इसमें समाज का सहयोग लिया जाएगा। सिर्फ पशुपालन विभाग नहीं, बल्कि अन्य विभाग भी इस भूमिका को निभाएं। गौ-कैबिनेट की बैठक खत्म होने के बाद सीएम शिवराज आगर मालवा के सालरिया स्थित गौ-अभयारण्य पहुंचे हैं। यहां गौ पूजन के बाद अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

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