3 भारतीयों समेत रिसर्चर्स ने तैयार किया मक्खी के आकार जितना ड्रोन

तीन भारतीयों समेत रिसर्चर्स की टीम ने दुनिया का पहला मक्खी के आकार जितना वायलैस ड्रोन बनाया है जो तंग जगाहों में भी जाकर आसानी से निगरानी करने में मदद करेगा. इसे ऐलिन स्कूल्स नैटवर्क, मोबाइल सिस्टम लैब्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स ने साथ मिल कर ऑटोनोमस इंनसैक्ट रोबोटिक लैब में तैयार किया है. इसे रोबोटिक्स में एक बढ़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.

इस RoboFly नामक वायलैस ड्रोन में छोटे आकार के विंग्स लगाए गए हैं. इसे सस्ती कीमत पर बनाया जा सकता है. यह दुनिया का पहला ड्रोन है जिसे पावर को सप्लाई करने व कंट्रोल करने के लिए किसी वायर के साथ कनैक्ट करने की जरूरत नहीं है. इसे टुथ पिक से भी छोटे अल्ट्रा लाइट सर्कट से बनाया गया है और इसमें माइक्रोप्रोसैसर भी लगा है.

रोबोफ्लाई बनाने वाली वाशिंगटन यूनिवरिसिटी की टीम ने एलेन स्कूल के प्रोफैसर श्याम गोल्लाकोटा, मेकेनिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर सावयेर फूलर, इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी छात्र विक्रम अय्यर, पीएचीडी छात्र योगेश चूकेवाड और जोहांस जेम्स आदि शामिल हैं. यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा है कि मक्खी के आकार का यह रोबोट बड़े खेतों पर फसल की वृद्धि के सर्वेक्षण तथा गैस रिसाव जैसे अधिक समय लगने वाले कामों में मदद पहुंचा सकता है.’’

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