मध्यप्रदेश

रिजर्व ईवीएम चुनाव के दो दिन बाद हुयी जमा, प्रशासन की लापरवाही

हमने स्ट्रांग रूम बीच में नहीं खोला। इस तरह की बातें निराधार हैं।

पंधाना विधानसभा की रिजर्व ईवीएम चुनाव के दो दिन बाद डाइट कॉलेज के वेयर हाउस में जमा हुईं। इस गलती को प्रशासन ने चौथे दिन रविवार को स्वीकार किया।

कलेक्टर व निर्वाचन अधिकारी विशेष गढ़पाले ने पंधाना विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर आरएस बालोदिया को नोटिस जारी किया है।

इस मामले में कलेक्टर ने रविवार को पत्रकार वार्ता लेकर यह भी स्पष्ट किया कि पंधाना विधानसभा से आई तीन मशीनें रिजर्व थीं और इनका उपयोग निर्वाचन प्रक्रिया में नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि हमने स्ट्रांग रूम बीच में नहीं खोला। इस तरह की बातें निराधार हैं।

ईवीएम जमा होने के बाद स्ट्रांग रूम की सीलिंग के दौरान प्रत्याशियों द्वारा सूचना नहीं दिए जाने और बीच में ही स्ट्रांग रूम को खोलकर तीन रिजर्व ईवीएम जमा करने जैसी बातें सामने आने पर रविवार को जिला प्रशासन को पक्ष रखने के लिए सामने आना पड़ा।

कलेक्टर विशेष गढ़पाले, एएसपी महेंद्र तारणेकर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी डीके नागेंद्र ने शाम 4 बजे प्रेसवार्ता ली। कलेक्टर ने कहा कि 28 नवंबर को मध्यरात्रि के बाद जिले के सभी चार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान में उपयोग की गई सभी ईवीएम खंडवा मुख्यालय पर पहुंचने के बाद 29 नवंबर को सुबह लगभग 4.45 बजे स्ट्रांग रूम विधिवत सील कर दिया गया है, जो मतगणना के दिन ही खोला जाएगा।

सीलिंग के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक व अन्य उपस्थित थे। स्ट्रांग रूम सील करने के संबंध में लिखित सूचना सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के पदाधिकारियों को जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा दी गई थी।

हालांकि कलेक्टर ने पत्रकारों के सवाल पर यह भी स्वीकार किया कि खंडवा विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि लिखित सूचना प्रत्याशियों को दी गई है। इस लापरवाही पर आरओ को शोकाज नोटिस दिया गया है।

रिजर्व ईवीएम जमा करने में हुई लापरवाही

पंधाना विधानसभा की तीन रिजर्व ईवीएम-वीवीपैट 30 नवंबर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के ईवीएम वेयर हाउस में जमा हुई।

रिजर्व ईवीएम जमा करने में इतना समय क्यों लगा इस सवाल पर कलेक्टर ने स्वीकार किया कि इसमें पंधाना विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर बीएल आरएस बालोदिया की लापरवाही सामने आई है।

उन्हें भी शोकाज नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि तीन ईवीएम में से एक पुलिस थाना छैगांवमाखन से तथा दो मशीनें तहसील कार्यालय पंधाना से लाई गई थीं।

ये मशीनें निर्वाचन में उपयोग हुई मशीनों से पूरी तरह अलग हैं। मशीनों को ईवीएम वेयर हाउस में जमा करने के दौरान राजनीतिक दल के पदाधिकारी व निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी उपस्थित थे। इस दौरान पंचनामे के साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

कलेक्टर ने बताया कि पूर्व से लगे सीसीटीवी कैमरे का 26 नवंबर से अब तक का बैकअप रखा गया है। डाटा सुरक्षित रखने का निर्णय भी लिया गया है। बैकअप लेने की प्रक्रिया की भी वीडियोग्राफी कराई जाने के साथ ही सीलिंग के दौरान किए गए वीडियोग्राफी को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया है।

सीसीटीवी कैमरे हुए ऑनलाइन

स्ट्रांग रूम में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों रविवार से ऑनलाइन कर दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि विधानसभा प्रत्याशी रिकॉर्डिंग लाइव देख सकें।

रविवार को स्ट्रांग रूम के बाहर भी कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम जारी रहा। यहां हर आने-जाने वाले कर्मचारी की रजिस्टर में एंट्री भी की जा रही है।

एएसपी महेंद्र तारणेकर ने कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था सीलिंग के बाद से ही पुख्ता कर दी गई थी। बाहरी सुरक्षा को लेकर भी अब इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था भारत निर्वाचन आयोग के मापदंडों के अनुरूप है।

स्ट्रांग रूम परिसर का किया निरीक्षण

प्रेसवार्ता के बाद कलेक्टर गढ़पाले व अन्य अधिकारियों ने स्ट्रांग रूम परिसर का निरीक्षण भी किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। परिसर में जाने से पहले कलेक्टर व अधिकारियों ने रजिस्टर में इंट्री की।

 

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