पत्नी की याद में बना रहा था ताजमहल, गर्ल्स स्कूल के लिए तोड़ा सपना

बुलंदशहर में एक रिटायर्ड पोस्ट मास्टर अपनी मृत पत्नी के लिए ‘छोटा ताजमहल’ बनाने में लगे हुए हैं। फैजुल हसन कादरी की उम्र लगभग 81 साल है, उनकी पत्नी ताजमुली बेगम की मौत 2011 में हो गई थी। पत्नी के मौत के बाद कादरी ने अपनी पेंशन के पैसे जमा करना शुरु किया, जिससे वह एक ताजमहल बना सके।

2015 में कादरी अपने ताजमहल के सपने को अधूरा छोड़ पास के ही एक सरकारी गर्ल्स स्कूल को पूरा कराने में लग गए। कादरी ने स्कूल के निर्माण के लिए अपनी आखिरी जमीन तक दान कर दी। जिस कारण उनका सपना अधूरा रह गया। कादरी के प्रयास की खबरें जब मीडिया में आई, तो तत्कालिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें मदद करने की पेशकश भी की थी।

कादरी अपनी हर महीने की 15,000 रुपये की पेंशन में से पैसे बचा रहे हैं, जिससे वह अपने अधूरे सपने को पूरा कर सके। 2015 के बाद मैंने अपनी पेंशन से एक लाख रुपये बचाएं, लेकिन भांजी को पैसे की जरूरत थी, इसलिए मैंने उसे यह पैसे दे दिए। अब मैं एक बार फिर पैसे जमा कर रहा हूं।

कादरी ने अपने ताज को पूरा करने के लिए किसी से मदद लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मुझे ताज को पूरा करने के लिए 6 से 7 लाख रुपये की जरूरत है, लेकिन मैं किसी से वित्तीय मदद नहीं लूंगा। मैं अपनी बचत से ही इसे पूरा करूंगा।

Back to top button