राजस्व प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें राजस्व अधिकारी: मंत्री जयसिंह अग्रवाल

प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे नियमित रूप से राजस्व प्रकरणों की समीक्षा कर प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करें।

रायपुर, 7 दिसम्बर 2020 : प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे नियमित रूप से राजस्व प्रकरणों की समीक्षा कर प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करें। राजस्व मंत्री ने आज रायगढ़ जिले में राजस्व अधिकरियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री  उमेश पटेल भी बैठक में मौजूद थे।

राजस्व मंत्री अग्रवाल ने राजस्व अधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले लगभग 9 माह से शासकीय बैठकों और समीक्षा का कार्य रूका हुआ था, परंतु इस अवधि में भी राजस्व अधिकारियों ने अच्छे ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। राजस्व मंत्री ने कहा कि रायगढ़ जिले में जिला कलेक्टर भीम सिंह के मार्गदर्शन में यहां के अधिकारियों द्वारा बेहतर ढंग से कार्य किया जा रहा है।

राजस्व मंत्री अग्रवाल ने कहा

राजस्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर जिले के विकास एवं जनहित के कार्यों को प्राथमिकता से कराएं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिला औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां विकास के नये आयाम स्थापित होने की संभावनाएं पहले से ही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों के कार्य सरलता से हो यह सुनिश्चित हो।

राजस्व मंत्री अग्रवाल ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, और तहसीलदारों को उनके अधीनस्थ राजस्व निरीक्षकों (आरआई)और पटवारियों की प्रत्येक माह नियमित रूप से बैठक लेकर लंबित प्रकरणों के निराकरण करने के निर्देश दिये। राजस्व मंत्री ने कहा है कि सभी पटवारी और राजस्व निरीक्षक अपने मुख्यालय में उपस्थित रहना सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से तहसीलों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सबसे करीब पटवारी और राजसव निरीक्षक ही होते है।

उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा

इनके कार्यों से शासन की छबि बनती है। राजस्व मंत्री अग्रवाल ने जिले के सुदूर अंचलों में जहां से तहसील मुख्यालय की दूरी अधिक है, वहां उपयुक्त स्थानों पर उप तहसील प्रारंभ करने के निर्देश दिये और तहसील बनाये जाने का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि राजस्व अधिकारियों की मेहनत और निष्पक्षता से ही राज्य शासन की इमेज बनती है। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी योजना के तहत प्राप्त होने वाले प्रकरणों का समय पर निपटारा होना चाहिए।

कलेक्टर सिंह ने समीक्षा के दौरान नामांकन प्रकरण, खाता बटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, नजूल पट्टों का नवीनीकरण संबंधी प्रकरणों के निराकरण में हुई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने नगरीय क्षेत्र में पुराने पट्टों का नवीनीकरण, फ्री होल्ड तथा शासकीय जमीनों पर काबिज लोगों से निर्धारित राशि वसूल कर मालिकाना हक प्रदान किये जाने संबंधी प्रकरणों में हुई उल्लेखनीय उपलब्धियों के बारे में राजस्व मंत्री अग्रवाल को अवगत कराया।

कलेक्टर सिंह ने पिछले दिनों अगस्त माह में जिले में आयी बाढ़ के कारण हुये मकान एवं फसलों की क्षति का आंकलन कर मुआवजा वितरण, राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति, ई-कोर्ट पंजीयन तथा ग्रामीणों को तहसील कार्यालयों से मिशल की नकल प्रदाय की जाने वाली व्यवस्था के बारे में भी बताया।

समीक्षा के दौरान विधायक धरमजयगढ़ लालजीत सिंह राठिया, विधायक रायगढ़ प्रकाश नायक, विधायक लैलूंगा चक्रधर सिंह सिदार, विधायक सारंगढ़ उत्तरी गनपत जांगड़े, महापौर रायगढ़ जानकी काटजू, महापौर कोरबा राजकिशोर प्रसाद, कोरबा नगर निगम सभापति श्याम सुंदर सोनी एवं एडीएम राजेन्द्र कटारा, अपर कलेक्टर आर.ए.कुरूवंशी, जिले के सभी एसडीएम सहित समस्त राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

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