देश में क्रांति नहीं संक्रांति की आवश्यकता: बिसरा राम

रायपुर: देश इस समय अनेक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है । संस्कारों के अभाव में लोग सुख और आनंद बाहर तलाश रहे हैं ,जबकि इसके लिए अपने ही भीतर मंथन करने की आवश्यकता है । देश में इस समय क्रांति की नहीं संक्रांति की आवश्यकता है । रविवार को ये बातें वनवासी विकास समिति के मकर संक्रांति उत्सव व परिवार सम्मेलन के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक बिसरा राम यादव ने व्यक्त किए। 

किसने क्या कहा ; 

स्वागत भाषण समिति के नगर अध्यक्ष रमेश अग्रवाल ने दिया। शबरी कन्या आश्रम की बहनों की ओर से स्वागत गीत के पश्चात प्रतिवेदन अधीक्षिका लेखा चक्रवर्ती ने रखा। कार्यक्रम के अध्यक्ष अमर बंसल ने आश्रम की ओर से पूर्वोत्तर की बहनों में किए जा संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की मुक्त कंठ से सराहना की । विशिष्ट अतिथि पुरंदर मिश्रा ने अपने उद्बोधन में समिति व आश्रम के कार्यों को अन्य संस्थाओं के लिए अनुकरणीय बताया। प्रांत अध्यक्ष रतनलाल अग्रवाल व संरक्षक गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने भी आश्रम के कार्यों से लोगों का परिचय कराया। 

मंचीय कार्यक्रम पश्चात शबरी कन्या आश्रम की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतु हुई जिनमें बिहू नृत्य, लेझिम नृत्य, छत्तीसगढ़ी नृत्य व योग प्रदर्शन ने खूब वाहवाही बटोरी। इसके बाद अमेरिकन शैली में आकर्षक कुबेर के लड्डू की नीलामी हुई ,जिसमें लोगों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। दो बोलियों के बीच के अंतर से प्राप्त दानराशि से आश्रम के लिए धन जुटाया गया । आभार प्रदर्शन सचिव हरिनारायण मोहता ने किया जबकि संचालन सुमन मुथा ने किया । इस अवसर पर निशिकांत जोशी, प्रवीण मैशेरी, डॉ. अनुराग जैन, डॉ. कैलाश मरकाम सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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