राइसमिल एसोसिएशन ने कलेक्टर से की मुलाकात, धान में मिलावट की शिकायत

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि वे एफसीआई, डीएमओं और खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर धान की जांच कराएं।

हितेश दीक्षित

गरियाबंद। शुक्रवार को राइसमिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। समिति से मिलिंग के लिए दिए जा रहे पतला धान में मोटा धान के मिलावट होने की शिकायत की है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि वे एफसीआई, डीएमओं और खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर धान की जांच कराएं।

दरअसल कुछ दिनों पूर्व राइसमिलर्स द्वारा समिति से उठाएं धान के मिलिंग के बाद जब चांवल एफसीआई पहुंचा तो एफसीआई द्वारा चांवल में एलजी (लोअर-ग्रेन) की मात्रा अधिक बताकर चांवल को रिजेक्ट कर दिया गया।

जिसके बाद से मिलर्स नाराज हो गए हैं। मिलर्स का कहना है कि जो धान उन्हें मिला है उसे ही वे मिलिंग के बाद एफसीआई को दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलिंग के लिए उनके द्वारा समिति से केवल पतला धान का ही उठाव किया जा रहा है परंतु उन्हे मिलने वाले पतला धान में मोटा धान की भी मिलावट है।

उन्हें पतला और मोटा दोनों प्रकार का धान मिला हुआ मिल रहा है। मिलिंग के बाद निकलने वाले चांवल की मात्रा में अंतर आ रहा है। मिलावटी धान के कारण चांवल में एलजी की मात्रा निर्धारित मापदंड से 6 प्रतिशत से बढ़कर 7.5 प्रतिशत आ रही है।

इसके कारण एफसीआई द्वारा चांवल को रिजेक्ट कर दिया जा रहा है। एसोशिएशन के जिलाध्यक्ष गफ्फु मेमन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौप प्रशासन से मांग की है कि वे संयुक्त टीम बनाकर समिति से निकले वाले धान से भरे ट्रको की जांच करे उसके बाद ही मिलर्स उसे मिलिंग के लिए उठायेंगे।

एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि सोमवार तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जायेगा तो वे समिति के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान रिजवान मेमन, विकास साहू, अफरोज मेमन, इस्माइल मेमन, विजय सिन्हा, आमीन मेमन, हुसैन मेमन, शोएब मेमन भी मौजुद थे।

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