बेटी को गोद में लेकर रिक्शा चलाने वाला नहीं रहा

भरतपुर. कुछ साल पहले राजस्थान के भरतपुर में एक रिक्शावाले की तस्वीर ऐसी वायरल हुई की पूरी दुनिया उसे सलाम करने लगी। तस्वीर थी गले में अपनी दुधमुंही बच्ची को लटकाए रिक्शा चलाने की। बच्ची को जन्म देते ही मां इस दुनिया से चल बसी, जिसके बाद पिता बबलू को अपनी बेटी को गले में लटकाए रिक्शा चलाना पड़ता था और अब यह पिता भी इस दुनिया से चल बसा। बबलू की असमय हुई मौत से 5 साल की बेटी दामिनी फिर अकेली हो गई है।

बबलू का शव मंगलवार को एक कमरे में पड़ा मिला। ऐसा कहा जा रहा है कि बबलू की मौत 7-8 दिन पहले ही हो चुकी थी। शव से बदबू आने पर लोगों को इसका पता लगा।

दामिनी बीते 4 सालों से बाल संरक्षण गृह में है क्योंकि पिता बबलू उसकी परवरिश करने में सक्षम नहीं थे। पुलिस की माने तो ज्यादा शराब पीने की वजह से बबलू की असमय मौत हो गई।

साल 2012 में यह मामला सामने आया था। जब दामिनी को जन्म देते ही उसकी मां की मौत हो गई थी। पिता रिक्शा चलाता था। इस नवजात की देखभाल के लिए घर पर कोई नहीं था, इस वजह से वह बेटी को गोद में लिए रिक्शा चलाने लगा। लेकिन दामिनी काफी कमजोर होती जा रही थी। दामिनी का काफी समय तक इलाज भी चला। मीडिया में इसकी फोटो आने पर दुनियाभर से कई लोगों ने मदद के लिए हाथ भी बढ़ाए थे। दामिनी के लिए लोगों ने 18 लाख रुपये की मदद की थी जो राशि अब ब्याज के साथ 25 लाख तक हो गई होगी।

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