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अरुणाचल प्रदेश के लोगों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी : किरण रिजीजू

ईटानगर: केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने रविवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मूल लोगों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उन्हें चकमा एवं हाजोंग शरणार्थियों की वजह से ‘निराश’ नहीं होने दिया जाएगा. उच्चतम न्यायालय ने 2015 में केंद्र सरकार को चकमा और हाजोंग शरणार्थियों को नागरिकता देने का आदेश दिया था. इनमें से ज्यादातर अरुणाचल प्रदेश में रहते हैं. ये लोग पांच दशक पहले पूर्वी पाकिस्तान (आज के बांग्लादेश) से आए थे. गृह राज्यमंत्री ने राज्य सरकार और ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (आपसू) समेत सभी पक्षों से इस लंबित मुद्दे के समाधान के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया.

रिजीजू ने आपसू के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा, ‘वैसे हम विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं लेकिन राज्य के हित में हमारी संवेदनाएं समान हैं. हमें इस शरणार्थी मुद्दे का हल करने के लिए एक दूसरे से संवाद करने की और मिलकर कठिन प्रयास करने की जरूरत है. ’

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इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पूर्वोत्तर के राज्यों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस क्षेत्र को देदीप्यमान बनाने के सपने को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया.

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