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NDPS एक्ट के तहत रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार, जानें इस कानून और इसकी सजा के बारे में सब कुछ

भारतीय संसद ने 1985 में एनडीपीएस एक्ट पारित किया था। नारकोटिक्स का मतलब नींद और साइकोट्रोपिक वे पदार्थ होते हैं जो मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर देते हैं।

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में ड्रग्स का एंगल सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जांच तेज कर दी है। ब्यूरो ने दो दिन की पूछताछ के बाद मंगलवार को रिया को गिरफ्तार किया। इससे पहले एनसीबी रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा को भी गिरफ्तार कर चुकी है।

इन्हें नारकोटिक्स ड्रग्स साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि ये अधिनियम क्या है और इसके तहत क्या सजा दी जाती है।

1985 में बना कानून
भारतीय संसद ने 1985 में एनडीपीएस एक्ट पारित किया था। नारकोटिक्स का मतलब नींद और साइकोट्रोपिक वे पदार्थ होते हैं जो मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर देते हैं। कुछ ड्रग्स और पदार्थ ऐसे होते हैं जिनका उत्पादन और बिक्री जरूरी है लेकिन उनका अनियमित उत्पादन या बिक्री नहीं की जा सकती है। इसपर सरकार ने कड़े प्रतिबंध और विनियमन लगाए हुए हैं क्योंकि इनका अत्यधिक मात्रा में उपयोग नशे के लिए होता है। जो मानव समाज के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे बचाव के लिए ही कड़े नियम बनाए गए हैं।

अधिनियम के तहत कौन से ड्रग्स हैं प्रतिबंधित
एनडीपीएस अधिनियम में प्रतिबंधित ड्रग्स को लेकर एक अनुसूची दी गई है। इसमें केंद्र सरकार उन ड्रग्स को सम्मलित करती है जिनका नशे में प्रयोग होना मानव जीवन के लिए संकट पैदा कर सकता है। इन ड्रग्स का इस्तेमाल जीवन बचाने वाली दवाई और अन्य स्थानों पर होता है लेकिन इन्हीं को नशे के लिए भी उपयोग किया जाता है। इस कारण इनपर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता लेकिन विनियमन किया जा सकता है। इन ड्रग्स में कोका प्लांट्स, कैनाबिस, ओपियम पॉपी जैसे पौधे को शामिल किया गया है।

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