राजनीति

महागठबंधन टूटने के बाद सड़क पर उतरी RJD , मना रही ‘विश्वासघात दिवस’

पटना: नीतीश कुमार के इस्तीफा देने और फिर भाजपा का समर्थन मिलने के बाद से सीएम पद की शपथ लेने के फैसला लेना आरजेडी को हजम नहीं हो रहा है। बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद अब आरजेडी सड़क पर उतर आई है।

 

धरने पर बैठे RJD समर्थक

देर रात जहां तेजस्वी और उनके समर्थकों ने राजभवन तक विरोध मार्च निकाला वहीं आज राज्यभर में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। पटना में ऐतिहासिक महात्मा गांधी सेतु पर आरजेडी समर्थक धरने पर बैठ गए हैं। पूरे बिहार में आरजेडी ने नीतीश के खिलाफ विश्वासघात दिवस मनाने का ऐलान किया है।

तेजस्वी ने राज्यपाल पर लगाए मिलीभगत के आरोप

वहीं रात को तेजस्वी के साथ पांच आरजेडी नेता राज्यपाल से मिले। राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने पत्रकारों को बताया कि राज्यपाल ने अब यह तय कर लिया है कि सुबह जेडीयू सरकार को शपथ ग्रहण कराना है। राज्यपाल के पास संविधान को बचाने का एक ऐतिहासिक मौका है।

आरजेडी सबसे बड़ी दल है, इसलिए उसे सरकार बनाने का न्योता पहले देना चाहिए था जो कि नहीं हुआ। हमारे पास बड़ी संख्या है. जेडीयू के अधि‍कांश विधायक भी हमारे साथ हैं हमें फ्लोर पर बहुमत साबित करने का मौका देना चाहिए था।

 

नीतिश पर चल रहे कई केस

तेजस्वी ने कहा कि ये पूरा घटनाक्रम सुनियोजित ढंग से हुआ है. एनडीए के लोगों ने तानाशाह की तरह लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया है, बिहार की जनता के ऐतिहासिक जनादेश को अपमानित करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री के ख‍िलाफ आर्म्स एक्ट, मर्डर तक के गंभीर मामले हैं।

कोर्ट में केस चल रहा है। वे इतने दाग होते हुए अब किस मुंह से फिर शपथ लेंगे।

आरजेडी नेता इस बात से भी काफी नाराज हैं कि राज्यपाल ने पहले उन्हें सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया था, लेकिन नीतीश को सुबह 10 बजे ही शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित कर लिया है. यह उनके साथ एक तरह का धोखा है।

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