जीत की ओर RLD, ‘जिन्ना हारा, गन्ना चला’ : जयंत चौधरी

कैराना : बेहद अहम माने जा रहे कैराना उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़े अंतर से पछाड़ते हुए जीत की ओर बढ़ रहे राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा है कि ‘चुनाव में गन्ना चला, जिन्ना नहीं’। चौधरी ने चुनाव के लिए बीजेपी के मुद्दों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे दंगों को मुद्दा बना रहे थे जबकि आरएलडी के मुद्दे किसानी से जुड़े हुए थे।

चौधरी ने पार्टी प्रत्याशी तबस्सुम हसन का समर्थन करने के लिए अखिलेश यादव, मायावती, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, सीपीएम और आम आदमी पार्टी को धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि इन पार्टियों ने मैदान में अपना प्रत्याशी न उतारकर हसन को समर्थन दिया था। हसन के खिलाफ कैराना में पलायन का मुद्दा उठाने वाले दिवंगत बीजेपी सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को उतारा गया था जिन्हें जनादेश नहीं मिल सका।

चौधरी ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना लगाते हुए कहा कि बीजेपी में प्रचार एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमता है। पार्टी के हर कार्य का श्रेय एक व्यक्ति को दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जब पार्टी हारेगी तो लोग सवाल करेंगे ही कि उस एक व्यक्ति की लहर कहां गई।

बीजेपी की मृगांका ने स्वीकारी हार : बीजेपी कैंडिडेट मृगांका सिंह ने एक टीवी चैनल से बातचीत में अपनी हार स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि सभी के एकसाथ आने से जो समीकरण बना है, शायद इसीलिए ऐसा परिणाम आया है। इसके साथ ही मृगांका ने कहा कि गन्ना किसानों की नाराजगी भी बीजेपी के पिछड़ने की एक वजह हो सकती है।

मुद्दों को लेकर बीजेपी को घेरा : चुनाव से पहले मोहम्मद अली जिन्ना का मुद्दा उठाने को लेकर जयंत ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने ऐसे मुद्दे चुने, पेट्रोल की कीमत एक पैसा कम करने जैसा छलावा किया, जबकि आरएलडी ने किसानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ट्विटर पर पोल किया था कि गन्ना चलेगा या जिन्ना चलेगा, जिसमें 100 प्रतिशत लोगों ने कहा कि गन्ना और नलका (पार्टी का चुनाव चिह्न) चलेगा।

उन्होंने लोगों से इन्हीं मुद्दों को लेकर चलने और बीजेपी से जवाब मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी का हाई वोल्टेज का प्रचार होता है लेकिन जमीन पर उनका असर नहीं, लोगों के बीच जनता के मन में असर कम हो रहा है।

आगे की रणनीति के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जीत के बाद पार्टी गन्ने के बकाए और बिजली की बढ़ी दरों को लेकर संघर्ष करेगी। पार्टी के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह इन मुद्दों पर चलते आ रहे हैं और आने वाले समय में जो भी गठजोड़ बनेगा, उसका आरएलडी प्रमुख हिस्सा होगी।

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