छत्तीसगढ़

रायगढ़ से धरमजयगढ़ तक सड़क के कायाकल्प की हो चुकी है पूरी तैयारी

रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क सुधार के लिए उद्योगों को दी गई अलग-अलग हिस्सों की जिम्मेदारी

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

  • घरघोड़ा से जामपाली तक सड़क सुधार के लिये जल्द मिलेंगे 42 करोड़ रुपये एसईसीएल बोर्ड में राशि हो चुकी है स्वीकृत
  • कलेक्टर सिंह ने 58 करोड़ 48 लाख के कार्ययोजना को मूर्तरूप देने उद्योग संचालकों की ली अहम बैठक

रायगढ़, 22 अक्टूबर 2020: कलेक्टर भीम सिंह ने आज उद्योगों की महत्वपूर्ण बैठक ले कर रायगढ़ से घरघोड़ा के बीच होने वाले सड़क सुधार कार्य के लिए उनके द्वारा किये मरम्मत कार्य के लिए उद्योगों की सहमति से रोड के पैच (हिस्से) बांटें गए। कलेक्टर सिंह ने बैठक में बताया कि घरघोड़ा से जामपाली तक सड़क निर्माण के लिए एसईसीएल प्रबंधन की ओर से मिलने वाली 42 करोड़ की राशि के लिए बोर्ड की स्वीकृति मिल चुकी है।

कलेक्टर सिंह ने ईई पीडब्ल्यूडी से कहा कि रायगढ़ से धरमजयगढ़ के बीच सड़क सुधार की कार्ययोजना पर अमल करते हुये अब शीघ्र सड़क सुधार का कार्य प्रारंभ किया जाए।

रायगढ़ से घरघोड़ा तक के लिए पीडब्लूडी ने सर्वे कर विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया है। जिसमें पूरी सड़क के खराब पैच की लंबाई तथा उसका अनुमानित खर्च का आंकलन किया गया है। बैठक में उक्त मार्ग में संचालित उद्योगों के मध्य इसके सुधार की जिम्मेदारी आबंटित की गयी है। सड़क निर्माण को दो हिस्सों में बांटा गया है जिसमें पहला पूंजीपथरा से रायगढ़ जिसकी लागत 12 करोड़ 76 लाख रुपये है तथा दूसरा घरघोड़ा से पूंजीपथरा जिसकी लागत 3 करोड़ 72 लाख रुपये है।

इस प्रकार लगभग 58 करोड़ 48 लाख रुपये में रायगढ़ से घरघोड़ा तक की सड़क को सुधारा जायेगा। निर्माण कार्य पीडब्लूडी के द्वारा किया जायेगा उद्योग अपने हिस्से आये सुधार की राशि पीडब्लूडी को उपलब्ध करायेंगे। कलेक्टर सिंह ने इसके लिये विशेष रूप से प्रयास करते हुये स्थानीय उद्योगों के साथ एसईसीएल के प्रतिनिधियों से नियमित संवाद करते हुये व समय-समय पर बैठक लेकर इस कार्ययोजना को जल्द साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया है। उन्होंने जिसका परिणाम यह हुआ कि सड़क सुधार का यह कार्य अब निर्माण के चरण की ओर बढ़ रहा है।

उद्योगों में जरूरी स्किल के अनुसार करवायी जाएंगी आईटीआई में कोर्सेज

कलेक्टर सिंह ने बैठक में सम्मिलित सभी उद्योगों को एप्रेंटिस एक्ट के तहत पंजीयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित आईटीआई के इंडस्ट्री पार्टनर बनाने के लिए उद्योगों में से चयन कर छात्रों को एप्रेंटिस के रूप में ट्रेनिंग देने के लिए कहा। आईटीआई प्रिंसिपल्स को इंडस्ट्रीज का भ्रमण कर वहां स्थानीय इंडस्ट्रीज के लिये जरूरी स्किल्स के अनुसार अपने कोर्स डिजाइन करें जिससे छात्रों को पासआउट होने के बाद तुरंत काम मिल सके।

उद्योगों से भी कहा कि एप्रेंटिस के रूप में इन छात्रों को ट्रेनिंग देकर वे उन्हें अपने यहां नौकरी के लिए तैयार कर सकते हैं। इससे जिले के उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने पूर्व में हुई चर्चा अनुसार इंडस्ट्रीज से यूनिफार्म सिलाई की डिमांड भी भेजने के लिए कहा, जिसे स्व-सहायता समूह के माध्यम से सिलाई करवाकर उन्हें उपलब्ध करवाया जायेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के और मौके तैयार होंगे। उन्होंने उद्योगों को जल्द सीएसआर राशि भी उपलब्ध करवाने के लिये निर्देशित किया जिससे उस मद से होने वाले कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके।

कोविड अवेयर्नेस के लिये करें काम

कलेक्टर सिंह ने इंडस्ट्रीज संचालकों से अपने उद्योगों के बाहर तथा मुख्य मार्ग में होर्डिग्स लगवाकर कोरोना के प्रति जागरूकता के लिये कार्य करें। उन्होंने अपने कर्मचारियों को भी कोविड प्रोटोकाल का अनिवार्य पालन करवाने का निर्देश दिया। साथ ही सीएसआर के अंतर्गत कोविड उपचार के लिये भी प्रशासन को राशि उपलब्ध करवाने के लिये कहा।

इस दौरान सीईओ जिला पंचायत  ऋचा प्रकाश चौधरी, ईई पीडब्लूडी खांबरा सहित उद्योग, खनिज व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित उद्योगों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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