अंतर्राष्ट्रीय

रोहिंग्या कैंपों में हिंदुओं को पढाई नमाज, मिटाया महिलाओं के माथे का सिंदूर

म्यांमार में 25 अगस्त को 30 पुलिस चौकियों पर हमले के बाद पलायन के लिए मजबूर हुए रोहिंग्या मुसलमान जहां एक ओर खुद को असहाय बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी बर्बरता से बाज आने का नाम नहीं ले रहे हैं.

बांग्लादेश में शरणार्थी कैंपों में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान अब रोहिंग्या हिंदू महिलाओं को अपना निशाना बना रहे हैं और उनका जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं.

इन राहत कैंपों में रोहिंग्या मुसलमान हिंदुओं को दिन में पांच बार नमाज पढ़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

इतना ही नहीं, ये रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश के राहत कैंपों में रह रहीं रोहिंग्या हिंदू महिलाओं के सिंदूर मिटा रहे हैं और चूड़ियां तोड़ रहे हैं.

इसी महीने पूजा से रबिया बनी रोहिंग्या हिंदू महिला ने बताया कि बांग्लादेश राहत कैंपों में रोहिंग्या मुस्लिमों की ओर से हिंदू महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है.

साथ ही सिंदूर मिटा दिया गया और चूड़ियां तोड़ दी गईं. रबिया ने बताया कि वह रोहिंग्या हिंदू है और शरण की उम्मीद में म्यांमार से पलायन करके यहां आई थी.

नाकाबपोश रोहिंग्या आतंकियों ने पति को उतारा मौत के घाट

रबिया का कहना है कि उसने जो सोचा था, यहां आने के बाद सब कुछ उल्टा हुआ. उसके हालात और बुरे हो गए. रबिया ने बताया कि अगस्त में म्यांमार हिंसा में उसने अपने पति को खो दिया.

हालांकि उसके पति को म्यांमार सेना ने नहीं मारा, बल्कि नाकाबपोश आतंकियों ने मौत के घाट उतारा है.

ये आतंकी उनको धर्म के नाम पर गालियां दे रहे थे. रोहिंग्या हिंदू महिला ने बताया कि उनके सामने पति समेत पूरे परिवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनको बंधक बना लिया गया.

धर्म परिवर्तन करने पर छोड़ा जिंदा

रबिया ने बताया, ‘रोहिंग्या मुसलमान मुझे जंगल ले गए और कहा कि मुझको नमाज पढ़नी पड़ेगी. उन्होंने मेरा सिंदूर मिटा दिया और हिंदू धर्म की पहचान वाली चूड़ियों को तोड़ दी.

साथ ही कहा गया कि अगर मैं जिंदा रहना चाहती हूं, तो धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा. मुझे बुर्का पहनाया गया और करीब तीन सप्ताह तक इस्लामिक रीति रिवाज सिखाया गया.

मुझे नमाज पढ़ना सिखाया गया. मुझसे अल्लाह कहलवाया गया, जबकि मेरा दिल भगवान के लिए धड़कता है. मेरे पड़ोसियों ने मेरी खोज शुरू की और उनको पता चला कि मैं मुस्लिम कैंप में रह रही हूं.’

सादिया समेत कई हिंदू महिलाएं बनीं शिकार

रबिया के अलावा सादिया समेत कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनको रोहिंग्या मुसलमान अपना शिकार बना रहे हैं. रबिया के पास सिर्फ एक ही साड़ी है और गोद में तीन साल के बच्चे के बदन में कपड़े भी नहीं हैं.

यही हाल यही हाल 18 वर्षीय रीका धार से सादिया महिला का है. उसकी गोद में भी एक साल का बच्चा है. ऐसे कई मामले हैं, जिनमें रोहिंग्या मुसलमानों की ओर से हिंदुओं को निशाना बनाने के मामले सामने आए हैं.

रोहिंग्या मुसलमानों ने 45 हिंदुओं की हत्या कीः म्यांमार

रखाइन में सेना की कार्रवाई और उससे रोहिंग्या समुदाय के पलायन को लेकर म्यांमार की सेना और सरकार पूरी दुनिया के निशाने पर है.

इस बीच म्यांमार की सेना ने कहा कि रखाइन में रोहिंग्या मुसलमानों ने 45 हिंदुओं की हत्या कर दी है, जिनकी सामूहिक कब्र मिली है.

25 अगस्त को भड़की हिंसा में करीब 100 से ज्यादा हिंदू लापता हो गए थे. माना जा रहा है कि ये इन्हीं हिंदुओं की कब्र हैं.

इसके अलावा इस हिंसा में 30 हजार हिंदू और बौद्ध बेघर हुए हैं. म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या आतंकियों पर इस क्रूर अपराध का आरोप लगाया है.

Summary
Review Date
Reviewed Item
रोहिंग्या कैंप
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

Leave a Reply