रोमिला थापर और चार अन्य पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, आज होगी सुनवाई

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का विऱोध

नई दिल्लीः वर्ष 1818 में हुई कोरेगांव भीमा लड़ाई के 200 साल होने पर पिछले साल 31 दिसंबर को एल्गार परिषद घटनाक्रम के सिलसिले में पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में इतिहासकार रोमिला थापर और चार अन्य कार्यकर्ताओं ने आज उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की।

महाराष्ट्र पुलिस द्वारा कल गिरफ्तार किये गये इन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर माओवादियों से संपर्क होने का संदेह है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस याचिका का उल्लेख कर इस पर आज ही सुनवाई करने का अनुरोध किया।

न्यायालय इस याचिका पर अपराह्न पौने चार बजे सुनवाई के लिये तैयार हो गया। वही दूसरी ओर महाराष्ट्र को राष्ट्रीय मानवाधिकार ने नोटिस दिया है। न्यायालय में दायर याचिका में इन कार्यकर्ताओं की रिहाई का अनुरोध किया गया है।

इसके अलावा, इन गिरफ्तारियों के मामले की स्वतंत्र जांच कराने का भी अनुरोध याचिका में किया गया है। पुणे के निकट कोरेगांव-भीमा गांव में पिछले साल 31 दिसंबर को आयोजित एलगार परिषद के बाद दलितों और स्वर्ण जाति के पेशवाओं के बीच हिंसा की घटनाओं के सिलसिले में चल रही जांच के दौरान कल देश के कई हिस्सों में छापे मारे गये थे।

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