छत्तीसगढ़ में किसानों के खाद-बीज में 750 करोड़ का घोटाला, भूपेश सरकार ने बदले नियम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों को खाद, बीज सप्लाई के नाम पर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में पिछले पांच सालों में 750 करोड़ का गोलमाल किया गया है। कंपनियां और ठेकेदार किसानों को सीधे बीज की सप्लाई करते रहे और उनसे यह लिखवा लेते कि अनुदान मिल गया है। फिर किसान को मिलने वाला अनुदान कंपनी और ठेकेदार के खाते में जमा किया जाता था।

2012 में खाद-बीज सप्लाई के वितरण के नियमों में बदलाव किया गया। इसके बाद बड़े पैमाने पर खेल किया गया। कई बार फर्जी बीज बोकर किसान छले भी गए। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद यह मामला उजागर है। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को तत्काल नियम बदलने को कहा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव कृषि विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त केडीपी राव ने गुरुवार को मंत्रालय से आदेश जारी करवा दिया है। अब कंपनियां और ठेकेदार किसानों को सीधे खाद बीज की सप्लाई करने नहीं जाएंगी। वे किसानों से एनओसी लेकर सब्सिडी का पैसा अपने खाते में नहीं ले पाएंगे।

कंपनियां और ठेकेदार अपने खाद-बीज का अनुबंध छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम से करेंगे। बीज निगम की कमेटी तय करेगी कि किस कंपनी का माल लेना है। फिर यह खाद बीज मांग और उपलब्धता के आधार पर किसानों को सरकार उपलब्ध कराएगी। किसानों की सूची तैयार करने, उनके अनुदान का हिसाब रखने और उन्हें खाद-बीज देने का काम उद्यानिकी विभाग करेगा।

ज्ञात हो कि एक दिन पहले यानी बुधवार को ही सरकार ने रेत खदानों के संचालन का नियम बदला था। रेत खदानों को पंचायत से छीनकर सीएमडीसी को सौंपा गया है। अब लगातार दूसरे दिन खाद-बीज की सप्लाई की व्यवस्था बदल दी गई है। कृषि विभाग के अफसरों ने बताया है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में खाद-बीज के नाम पर किए गए गोलमाल की जांच भी शुरू कर दी गई है।

रेट कांट्रेक्ट के लिए बनेगी कमेटी

खाद-बीज की सप्लाई का छत्तीसगढ़ राजय बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड से करना होगा। बीज निगम के एमडी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी जिसमें कृषि विवि रायपुर के वैज्ञानिक, बीज प्रमाणीकरण संस्था के प्रतिनिधि तथा उद्यानिकी संचालक द्वारा नामित दो अधिकारी शामिल होंगे। अनुबंधित प्रदायकों की सूची उद्यानिकी विभाग को सौंपी जाएगी।

एक ही पते पर बीज बांटने वाली तीन कंपनी : सत्यनारायण

विधानसभा में सी बीड एक्ट्रक्ट, सी बीड जेल तथा एमिनो एसिड की खरीदी का मामला कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने उठाया। शर्मा ने कहा कि खरीदी में बड़ा घोटाला हुआ है। एक ही पते पर तीन अलग-अलग कंपनियों से खरीदी गई। तीनों कंपनी के मालिक एक ही व्यक्ति हैं। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि जितनी राशि की गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं, खरीदी इसके आसपास भी नहीं हुई है। चौबे ने कहा कि एक ही कंपनी से खरीदी की जानकारी से लगता है कि बड़ी गड़बड़ी हुई है। इस मामले की जांच कराई जाएगी।

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