RTI में खुलासा 3.5 साल में 31 करोड़ जनधन खाते खुले

इंदौर: सूचना के अधिकार (आरटीआई) से पता चला है कि देश में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाय) के तहत पिछले कोई साढ़े तीन साल में लगभग 31 करोड़ खाते खोले गये हैं। लेकिन आलोच्य अवधि में सरकार को इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जीवन बीमा के केवल 5,177 दावे प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4,543 पात्र दावों में 13.62 करोड़ रुपए की जीवन बीमा राशि का भुगतान किया गया है। मध्यप्रदेश के नीमच​ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि उनकी आरटीआई अर्जी पर वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 12 जनवरी तक की स्थिति के मुताबिक उन्हें यह जानकारी दी है।

23.4 करोड़ रुपए बांटे : जन धन खाता धारक की मत्यु होने पर उसके नामित व्यक्ति को 30,000 रुपए की जीवन बीमा राशि प्रदान की जाती है। आरटीआई अर्जी पर मिले जवाब से यह भी मालूम पड़ा कि पीएमजेडीवाय के तहत सरकार को आलोच्य अवधि में रुपे कार्ड से जुड़ी दुर्घटना बीमा योजना के कुल 3,324 दावे प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2,340 पात्र दावों में 23.40 करोड़ रुपए की बीमा राशि का भुगतान किया गया है। पीएमजेडीवाय के तहत जन धन खाता धारक को एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाता है।

2014 में शुरू हुई थी योजना : गौड़ ने कहा, ‘जन धन खाता धारकों की 31 करोड़ की बड़ी तादाद के मुकाबले जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा के प्राप्त दावों की संख्या बेहद कम है। सरकार को चाहिये कि वह इस सिलसिले में जागरूकता बढ़ाये, ताकि गरीब तबके के लोगों को पीएमजेडीवाय का पूरा लाभ मिल सके।’ सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने आरटीआई के तहत यह ब्योरा भी मांगा था कि सरकार ने पीएमजेडीवाय के तहत किन बीमा कम्पनियों को अब तक कितने प्रीमियम का भुगतान किया है। लेकिन उन्हें इस जानकारी का अब त​क इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमजेडीवाय की 28 अगस्त 2014 को औपचारिक शुरूआत की थी। यह देश के गरीब तबके के लोगों को बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का महत्वाकांक्षी सरकारी कार्यक्रम है।

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