छत्तीसगढ़

RTI से हुआ खुलासा, नगर निगम के आय-व्यय का वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट सन 2013-14 से अभी तक लंबित, बड़ी भ्रष्टाचार की आशंका

रायगढ़ सूचना के अधिकार से नगर निगम रायगढ़ का एक बड़ा खुलासा हुआ है स्थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा नगर निगम के आय-व्यय का वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट सन 2013-14 से अभी तक लंबित है। जो कि एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।

रायगढ़: रायगढ़ भ्रष्टाचार का गढ़ रह चुके नगर निगम में भ्रष्टाचार की आशंका पर जब रायगढ़ निगम नगर निगम के बहुचर्चित करोड़ों के शौचालय भ्रष्टाचार उजागर कर चुके आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश संगठन मंत्री एवं क्लीप्पर 28 ब्यूरो चीफ हिमालय मुखीजी के द्वारा नगर निगम मे सूचना के अधिकार के तहत वर्ष 19-20 तक का आय व्यय का वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट की सत्य प्रतिलिपि मांगी गई थी तथा अवलोकन करने हेतु भी आवेदन किया गया था जिसके जवाब में आवेदक को नगर निगम अवलोकन के लिए बुलाया गया तब लेखा शाखा में उपस्थित अधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्ष 13 -14 के पहले तक का ऑडिट हुआ था तथा वर्तमान में 13-14 के बाद से लेकर अभी तक का ऑडिट हुआ ही नहीं आप चाहें तो अब तक के जितने भी ऑडिट हुई है सभी वर्षों का अवलोकन कर सकते हैं यह सुन कर आवेदक चौक गया आखिर इतने लंबे समय से ऑडिट हुआ क्यों नहीं??इसी के साथ ही आवेदक की भ्रष्टाचार की संभावना भी बलवती होने लगी चुकि आवेदक द्वारा 19-20 तक जानकारी चाहिये इसलिए आवेदक द्वारा उनके द्वारा बताई गई उपरोक्त बातों को लिखित में मांगा गया तथा अवलोकन से मना किया गया । बकायदा जन सूचना अधिकारी द्वारा भैया लिखित में आवेदक को दे भी दिया गया । उपरोक्त पूरे मामले में भ्रष्टाचार का गढ़ रहे निगम में फिर से किसी नये भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

पक्ष, विपक्ष एवं निगम अधिकारी किसी ने भी आखिर क्यो नही दिखाई आडिट कराने मे रुचि

तत्कालीन शहर सरकार भाजपा कार्यकाल के समय से नहीं हो पायी है मगर तत्कालीन समय के भाजपा शहर सरकार के विपक्ष रहे कांग्रेस जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दिए तथा अभी वर्तमान में शहर सरकार स्थापित किए इतने दिन हो गए मगर वर्तमान कांग्रेस के शहर सरकार के जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान अभी तक नहीं दिए और ना ही वर्तमान विपक्ष भाजपा इस बात की अभी तक पहल कर रहा है। एक तरह से देखा जाए तो दोनों ही पार्टियों के जनप्रतिनिधि पिछले छह 7 वर्षों से नगर निगम के आय व्यय की लंबित ऑडिट रिपोर्ट को लेकर अभी तक कोई रुचि नहीं दिखाई है जो कि एक तरफ से किसी बड़े भ्रष्टाचार के तरफ भी इशारा कर रहा है। आखिर क्यों दोनों ही पार्टियों के नेताओं द्वारा इस ओर पहल नहीं किया गया और ना ही निगम के अधिकारी, क्या इसके पीछे कोई बहुत बड़ी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार छुपा हुआ है आखिर क्यों इतने अहम मसले पर चुप्पी साधी हुई है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

बहरहाल clipper 28 द्वारा शहर सरकार,विपक्ष एवं निगम अधिकारी आखिर क्यों ऑडिट को लेकर अभिरुचि नहीं दिखाइए इस सवाल के जवाब तथा पूरे मामले के तह तक जाकर सचाई से जनता को रूबरू कराने की ठान चुके हैं । तथा अब यह भी देखना लाजिमी होगा कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी द्वारा इस मामले को लेकर क्या कहते हैं एवं खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदारो द्वारा वार्षिक रिपोर्ट ऑडिट को लेकर क्या कार्यवाही की जायेगी।

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