कानून का राज है या अपराध गढ़ आंकड़ों से स्पष्ट -श्रीचंद सुंदरानी

अपराधों और कानून-व्यवस्था की लगातार बिगड़ती हालत को बेहद चिंताजनक बताया

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे अपराधों और कानून-व्यवस्था की लगातार बिगड़ती हालत को बेहद चिंताजनक बताया है। सुंदरानी ने कहा कि पिछले 10 माह के कांग्रेस शासनकाल की रिपोर्ट अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बन रहे कांग्रेस नेताओं और सत्ताधीशों को आईना दिखाने के लिए पर्याप्त है।

भाजपा प्रवक्ता सुंदरानी ने कहा कि पिछले 10 माह में सिर्फ राजधानी और रायपुर जिले में ही 50 लोगों की हत्या, 70 लूट, 1230 चोरी, 450 नकबजनी, 355 अपहरण, 279 धोखाधड़ी और 185 दुष्कर्म के मामले थानों में दर्ज हुए हैं। इसके अलावा हत्या की कोशिश के 60, सदोष मानव वध के 02, बलवा के 28 और अमानत में खयानत के 33 मामले भी पंजीबद्ध हैं। इनमें से कुछेक मामलों को छोड़कर शेष मामलों के सुराग ढूंढ़ने तक में पुलिस तंत्र अब तक नाकामयाब रहा है।

प्रदेश सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह लापरवाह

सुंदरानी ने कहा कि ये आँकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह लापरवाह हो चली है और पुलिस तंत्र का राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाइयों बेजा इस्तेमाल करके सरकार प्रदेश को बाहुबलियों-अपराधियों के रहमोकरम पर छोड़ बैठी है। ये आँकड़े तो सिर्फ राजधानी और इससे लगे थाना क्षेत्रों के ही हैं। इन आँकड़ों के प्रकाश में पूरे प्रदेश की भयावह स्थिति की तो कल्पना ही की जा सकती है।

भाजपा प्रवक्ता सुंदरानी ने कहा कि हालत यह है कि छत्तीसगढ़ तेजी से अपराधगढ़ बनता जा रहा है। एक तरफ प्रदेश अपराधों की आग में जल रहा है और दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी नाकारा सियासत की बाँसुरी पर बदलापुर का राग अलापने में तल्लीन हैं ! प्रदेश की जनता की सुरक्षा के दावे करने वाली सरकार इन आँकड़ों के आईने में अपनी बदसूरती के सच का सामना करे और वृथा गाल बजाने की शर्मनाक कोशिशें बंद करे।

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