छत्तीसगढ़

ग्रामीण महिलाएं सीख रही हैं जेम, जेली और कैचप बनाना

मुख्यमंत्री से मिलकर दिखाए तैयार उत्पाद

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राजनांदगांव जिले के विभिन्न गांवों से आए महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने सौजन्य मुलाकात की। ये महिलाएं जेम, जेली, कैचप, अचार, बड़ी, पापड़, पॉपकार्न और मशरूम के उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन महिलाओं को शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय पेन्ड्री, राजनांदगांव द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है।

ये महिलाएं अपने साथ अचार, जेम, जेली जैसे उत्पाद लेकर आयीं थीं, जिन्हें उन्होंने मुख्यमंत्री को दिखाया। भर्रे गांव के नवजागृति महिला स्व-सहायता की अध्यक्ष पवन रेखा साहू ने राजनांदगांव में समूह द्वारा तैयार उत्पादों के विक्रय कराने के लिए एक दुकान उपलब्ध कराने का आग्रह किया। राजनांदगांव जिले के सुरगी गांव के जय मां शीतला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका समूह आम, नींबू, करौंदा का अचार, मशरूम की बड़ी बनाता है। इन्हें बेचकर 80 हजार रूपए की आमदनी हुई है। इन महिलाओं ने मशरूम प्रसंस्करण के लिए बीओडी मशीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। भर्रे गांव के किसान अपनी बाड़ी में उगाये स्ट्रॉबेरी के फल लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी महाविद्यालय पेण्ड्री ने प्रायोगिक तौर पर किसानों की बाड़ी में स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए थे, जिनमें अच्छे फल तैयार हुए हैं।

अब वे लोग एक-एक एकड़ के रकबे में स्ट्रॉबेरी लगाना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए ड्रिप सिंचाई की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री से सहायता मांगी। उन्होंने यह भी बताया कि बाजार में स्ट्रॉबेरी 550 रूपए प्रति किलो की दर से बिकती है। स्ट्रॉबेरी का प्रशिक्षण इन किसानों के परिवार की महिलाओं चंद्रिका बाई निषाद, देवकी बाई निषाद, खेरिया बाई निषाद, दिलेश्वरी बाई निषाद सहित दस महिलाओं को दी गई है। मुख्यमंत्री ने इन महिलाओं की तारीफ करते हुए सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कोमल सिंह राजपूत उपस्थित थे।

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