अंतर्राष्ट्रीय

दुनिया को परमाणु हमले से बचाने वाले रूसी सैन्य अधिकारी स्टैनीस्लैव पेट्रोव की मौत

शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हमले को रुकवाकर दुनिया को इस विनाश से बचाने वाले रूसी सैन्य अधिकारी स्टैनीस्लैव पेट्रोव की 77 साल की उम्र में मौत हो गई। इस दुखद घटना की जानकारी खुद पेट्रोव के बेटे ने दी।

पेट्रोव की इस अतुलनीय कहानी को ‘द मैन हू सेव्ड दि वर्ल्ड’ नाम की डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के सम्मान सहित उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। वहीं उनकी मुलाकात रॉबर्ट डी नीरो और मैट डैमन जैसे हॉलीवुड सुपरस्टार से भी हुई।

पेट्रोव मॉस्को के बाहर एक छोटे कस्बे में रहते थे और उनकी मौत 19 मई को ही हो गई थी। उनके मौत पर विदेशों और रूस में तब सुर्खियां बननी हुई जब उनके एक जर्मन मित्र ने उनकी मौत के बारे में एक ब्लॉग पोस्ट किया। दरअसल शीत युद्ध के दौरान चारों तरफ नरसंहार का तांडव मचा था।

इस दौरान 26 सितंबर, 1983 की सुबह को अमेरिका से मिसाइल हमले की चेतावनी को तत्कालीन सोवियत संघ की आरंभिक चेतावनी प्रणाली ने पकड़ लिया। जिसके बाद यह जानकारी सामने आई कि अमेरिका ने कई मिसाइलें दाग दी हैं।

हालांकि उस दौरान ड्यूटी पर तैनात स्टैनीस्लैव पेट्रोव ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की जानकारी न देने का फैसला किया। दरअसल सोवियत संघ के प्रोटोकॉल के अनुसार जवाबी कार्रवाई में परमाणु हमला करना था। लेकिन उन्होंने बात को दबाने का फैसला किया और अधिकारियों को अलर्ट जारी नहीं किया और अलर्ट को झूठी जानकारी बताकर नजरअंदाज कर दिया।

पेट्रोव यह फैसला एक दम सटीक निकला और तकरीबन 23 मिनट बाद उन्हें जब किसी भी प्रकार के धमाके की जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने चैन की सांस ली।

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