अंतर्राष्ट्रीय

रूस की चेतावनी, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौता छोड़ा तो गंभीर नतीजे होंगे

मास्को: रूस ने सोमवार (9 अक्टूबर) को चेतावनी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यदि अपने पूर्ववर्ती द्वारा किये गए ईरान परमाणु समझौते को बरकरार रखने में असफल रहे तो उसके ‘‘नकरात्मक परिणाम’’ होंगे. ट्रंप 2015 के समझौते के धुर आलोचक हैं जिसे उन्होंने ‘‘अब तक का सबसे खराब समझौता’’ बताया था और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह अगले सप्ताह कांग्रेस से कहना चाहते हैं कि ईरान अपने वादे का सम्मान नहीं कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से यदि कोई देश समझौते को छोड़ता है, विशेष रूप से अमेरिका जैसा एक महत्वपूर्ण देश तो उसके नकारात्मक परिणाम होंगे.’’ दमित्रि पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम इन परिणामों की प्रकृति का केवल अनुमान लगा सकते हैं, जो हम अब कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि पुतिन ने वर्तमान समझौते के महत्व की लगातार प्रशंसा की है.

इससे पहले ईरान ने अपने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प को आतंकवादी समूह घोषित करने के खिलाफ अमेरिका को चेतावनी दी है और कहा है कि अगर अमेरिका ने अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए तो क्षेत्रीय अमेरिकी सन्य अड्डे खतरे में पड़ सकते हैं. ईरान की यह चेतावनी सरकारी मीडिया ने रविवार (8 अक्टूबर) को प्रकाशित की है. ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है, जब इसके पहले व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी नई ईरान रणनीहित के हिस्से के रूप में ईरान के मिसाइल परीक्षणों, आतंकवाद और साइबर अभियानों के समर्थन के लिए नए कदमों की की घोषणा करेंगे.

प्रेस टीवी के अनुसार, गार्ड के कमांडर मोहम्मद अली जाफरी ने कहा, “अगर अमेरिका प्रतिबंधों के नए कानून पारित करता है, तो उसे अपने सैन्य अड्डे ईरानी मिसाइल की 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता से दूर लगाने होंगे.” जाफरी ने यह भी कहा कि अतिरिक्त प्रतिबंधों के बाद अमेरिका के साथ भविष्य में संवाद की संभावना समाप्त हो जाएगी.

ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने ईरानी परमाणु समझौते को अमान्य घोषित करने की बात कही थी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने समाचार एजेंसी तसनीम के हवाले से बताया कि जरीफ ने शनिवार (7 अक्टूबर) को कहा कि ट्रंप की चेतावनियां क्षेत्र में सुरक्षा और शांति कायम करने में मददगार साबित नहीं होगी और इससे अमेरिका के दीर्घकालिक हितों को नुकसान होगा. ट्रंप ने अगले सप्ताह ईरान के परमाणु समझौते को लेकर अपना समर्थन वापस लेने की धमकी दी है. ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान हुए इस ईरान परमाणु समझौते को ‘अब तक का सबसे खराब समझौता’ और अमेरिका के लिए एक ‘शर्मिदगी’ बताया है.

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