सबरीमाला मंदिर : महिलाओं के प्रवेश का विरोध, दो हजार आंदोलनकारी गिरफ्तार

29 अक्टूबर को मुख्यमंत्री फिर से हालात की समीक्षा करेंगे

कोच्चि।

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश बाधित करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए महज दो दिनों में 2,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आंदोलनकारी सैकड़ों साल पुरानी परंपरा में बदलाव के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध कर रहे हैं।

प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करवा रही है जबकि भाजपा और कांग्रेस प्रदर्शनकारियों का साथ दे रहे हैं। पांच दिनों की मासिक पूजा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित आयु वर्ग की एक भी महिला को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया।

पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा के अनुसार शुक्रवार को पाथनमथिट्टा जिले में सात सौ से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए। इसी जिले की एक पहाड़ी पर सबरीमाला मंदिर स्थित है। इसके अतिरिक्त राजधानी तिरुअनंतपुरम, कोझिकोड, एर्नाकुलम और प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है।

बेहरा ने बताया कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद से दो दिन 2,061 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार हुए 2,300 लोगों पर 452 मामले दर्ज किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को अपने आदेश में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति देने के लिए कहा है। उसके बाद मंदिर के दर्शन के लिए खुलने वाले दिन 17 अक्टूबर से ही विरोध प्रदर्शन जारी है।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 17 नवंबर से शुरू होने वाले दो महीने के महोत्सव के दौरान हालात को सुचारु बनाने के लिए विशेष समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे अक्टूबर जैसे अराजक हालात बनने से रोकने में मदद मिलेगी। बेहरा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की संख्या देखते हुए जेलों में अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।

वैसे पूर्व में गिरफ्तार 1,500 लोग जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं। इसलिए व्यवस्था में खास दिक्कत नहीं आ रही है। 29 अक्टूबर को मुख्यमंत्री फिर से हालात की समीक्षा करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने मुख्यमंत्री पर सबरीमाला इलाके के विवादित क्षेत्र बनाने का आरोप लगाया है।

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