फर्जी डिग्री में बर्खास्त और घोटाले में निलंबित अफसर कर्मचारी वापसी के लिए जुटे

अंकित मिंज

बिलासपुर। घोटाले, घपले, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी से बर्खास्त अधिकारी और कर्मचारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में नजर आने लगे है। बैंक के जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी के बदलने के साथ ही प्रधान कार्यालय की फिज़ा बदलने लगी है।

इसमें वर्तमान सीईओ की भूमिका संदेहास्पद होने लगी है हालांकि वे इस मामले को स्वीकार करने से इनकार कर रहे है। वहीं एक कांग्रेसी नेता ने बर्खास्त अधिकारी को फिर सेवा में लेने दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

प्रदेश में भाजपा सरकार बदलने के साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक तिवारी का यहां से तबादला अपेक्स बैंक रायगढ़ में तबादला किया गया। उनके स्थान पर नए सीईओ आरए खान को बैंक का नया सीईओ बनाया गया।

मंगलवार को नए सीईओ ने कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही तत्कालीन सीईओ तिवारी के कार्यकाल में नौकरी से बर्खास्त एवं निलंबित किए गए अधिकारी, कर्मचारी बैंक में नजर आने लगे है। शुक्रवार को बैंक के वर्तमान सीईओ के चेम्बर में प्रभारी सीईओ विकास गुरुद्वान, संदीप जायसवाल परेश गौतम आदि नजर आए।

सत्तारूढ़ दल के विधायक का दबाव

प्रदेश में सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने नौकरी से बर्खास्त पूर्व प्रभारी सीईओ विकास गुरूद्वान को पुनः सेवा में लेने के लिए राजनीतिक तौर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी तरह सेवा से बर्खास्त संदीप जायसवाल, परेश गौतम और निलंबित कर्मचारी घनश्याम तिवारी बहाली के लिए प्रयासरत है।

इसलिए बर्खास्त और निलंबित किए गए: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तत्कालीन प्रभारी सीईओ विकास गुरूद्वान को भर्ती नियमों के विपरीत अधिक उम्र में सेवा लिया गया। नौकरी के लिए जिस विश्वविद्यालय की डिग्री लगाई गई थी।

उसी विवि ने गुरूद्वान की डिग्री को फर्जी करार दिया है। वहीं नौकरी के समय बर्खास्त सीईओ ने विकलांगता को आधार बनाया था। नौकरी लगने के बाद वह अपने को पूर्ण स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र दिया गया।

इसकी जांच सही होने पर गुरूद्वान को नौकरी से 1 सितंबर 18 को बर्खास्त किया गया। तब इस बैंक के प्राधिकारी कलेक्टर पी. दयानंद के कार्यकाल में बर्खास्त किया गया। इसी तरह संदीप जायसवाल व परेश गौतम को फर्जी दस्तावेजों व भर्ती नियमों के उल्लंघन पर नौकरी से बर्खास्त किया गया।

करोड़ों के घपले में निलंबित

बैंक के कर्मचारी घनश्याम तिवारी द्वारा अध्यक्ष और सीईओ की बिना अनुमति और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लगभग 10 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इस कर्मचारी को परिवहन घोटाला करने पर निलंबित किया गया है।

बहाली का तरीका खोजने में जुटे

बैंक के सीईओ के चेम्बर में बर्खास्त अधिकारी ,कर्मचारी बैठे नजर आ रहे है। ताकि नौकरी बहाली और निलंबन का कोई न कोई रास्ता निकाल सके। बर्खास्त अधिकारी, कर्मचारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय के करीबी माने जाते है।

स्टाफ कमेटी से तय होगा

बैंक के अधिकारी और कर्मचारी की सेवा बहाली व निलंबन का मसला स्टाफ कमेटी से तय होता है। कमेटी ही सारे निर्णय लेती है।
आरए खान, सीईओ, जेएसकेबी, बिलासपुर
कोई गलत काम नहीं होगा: बैंक में किसी भी स्तर पर कोई भी गलत कार्य होने नहीं दिया जाएगा।

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