सड़क-पुल उद्घाटन पर पूर्व पीएम देवेगौड़ा को नहीं बुलाये जाने पर प्रकट किया दुख

देवेगौड़ा ने कहा इस प्रोजेक्ट को तैयार करने मैंने ही मंजूरी दी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस 4.9 किलोमीटर लंबे ब्रिज बोगीबील का 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर उद्घाटन किया।

इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को देश के सबसे लंबे रेल और सड़क मार्ग वाले पुल के उद्घाटन के मौके पर निमंत्रित नहीं किए जाने पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को नहीं बुलाये जाने पर उन्होने दुख प्रकट किया है।

गौर करने की बात है कि देश के इस सबसे लंबे पुल की नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ही हैं। इस पुल को कुल 5900 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।

इस प्रोजेक्ट के बारे में देवेगौड़ा ने कहा कि कश्मीर से कश्मीर तक की रेलवे लाइन, दिल्ली मेट्रो और बोगीबील रेल ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट्स को बतौर प्रधानमंत्री मैंने मंजूरी दी थी।

मैंने इन तमाम प्रोजेक्ट के लिए 100-100 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया था और इसकी आधारशिला रखी थी, लेकिन आज लोग मुझे भूल गए हैं। जिस तरह से बोगीबील ब्रिज के उद्घाटन के मौके पर देवेगौड़ा को नहीं बुलाया गया उससे वह काफी दुखी नजर आए और कहा कि इन तमाम प्रोजेक्ट की शुरुआत मैंने की थी, लेकिन अब मुझे कौन याद करेगा।

अय्यो रामा, मुझे कौन याद करेगा

वहीं जब देवेगौड़ा से पूछा गया कि क्या आपको इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता मिला था तो उन्होंने कहा कि अय्यो रामा, मुझे कौन याद करेगा, कुछ अखबार वालों ने शायद इसका जिक्र भी किया है।

जिस तरह से इस प्रोजेक्ट में देरी हुई उसपर देवेगौड़ा ने कहा कि मैंने हसन-मैसेरु प्रोजेक्ट को 13 महीने में पूरा किया था। मैंने दो अन्य ब्रिज को भी को समय के भीतर पूरा करवाया था।

कृष्णा नदी पर आंगनवाड़ी ब्रिज को आप जाइए और देखिए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और बॉम्बे के कुछ लोग कहते हैं कि देवेगौड़ा ने कुछ नहीं किया आप जाइए इस ब्रिज को देखिए।

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