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भारत के अस्तित्व पर सवाल उठाने पर ट्रोल हुए सैफ अली खान

मीनाक्षी लेखी के साथ तारिक फतेह ने भी सैफ को लताड़ा था

नई दिल्ली: जहां अजय देवगन की फिल्म तानाजी: द अनसंग वॉरियर को दोगुना प्यार मिल रहा है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो ताबड़तोड़ कमाई कर ही रही है. दूसरी तरफ अब फिल्म ने हिस्ट्री क्रिएट की है.

वहीं इस फिल्म में बेहतरीन किरदार निभाने वाले बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान भारत के अस्तित्व पर सवाल उठाने पर ट्रोल हो गए. दरअसल उन्होंने कहा कि ‘तानाजी : द अनसंग वॉरियर’ में इतिहास के तथ्यों को लेकर छेड़छाड़ की गई जो कि खतरनाक है.

इसके साथ ही सैफ ने यह भी कहा कि मेरा मानना है कि भारत की अवधारणा अंग्रेजों ने दी और यह शायद इससे पहले नहीं थी. भारत के अस्तित्व पर ही सवाल उठाने वाले इस बयान को लेकर सैफ ट्रोल हो रहे हैं.

कुछ लोग अपने बच्चों का नाम तैमूर रखते हैं

बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने इस पर ट्वीट करते हुए कहा कि तुर्क भी तैमूर को क्रूर मानते थे, लेकिन कुछ लोग अपने बच्चों का नाम ही तैमूर के नाम पर रख देते हैं. वैसे जब सैफ और करीना ने बेटे का नाम तैमूर रखा था तो इस पर काफी विवाद हुआ था. तैमूर एक तुर्क शासक था.

तैमूर ने 14वीं सदी में दिल्ली और कश्मीर में जमकर लूटपाट की थी. तैमूर लूट और कत्लेआम के लिए जाना गया. नाम के विवाद पर करीना ने सफाई दी थी कि मुझे तैमूर नाम का मतलब पसंद आया इसलिए मैंने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा.

तारिक फतेह ने लताड़ा

मीनाक्षी लेखी के साथ तारिक फतेह ने भी सैफ को लताड़ा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- उन्होंने कहा कि अग्रेजों के आने तक अगर भारत की अवधारणा ही नहीं थी तो तो ईस्ट इंडिया कंपनी क्या चीन के बारे में थी.वास्को डी गामा इंडिया नहीं फिजी गए थे क्या.

कंगना ने पूछा तो फिर महाभारत क्या था?

सैफ के बयान पर बॉलीवुड की क्वीन कंगना रानौत ने भी बयान दिया था. वह बोलीं कि अगर कोई भारत नहीं था तो फिर महाभारत क्या था? 5 हजार साल पहले क्या लिखा गया? वेद व्यास क्या था?

क्या है सैफ का बयान

पत्रकार अनुपमा चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में सैफ ने कहा कि मेरा मानना है कि इंडिया की अवधारणा अंग्रेजों ने दी. शायद इससे पहले नहीं थी. यही सच्चाई है. इसी इंटरव्यू में सैफ ने कहा कि ‘तानाजी’ में जो दिखाया गया है, वह इतिहास का हिस्सा नहीं है.

ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ गलत है. मेरा रोल काफी दिलचस्प था. कुछ वजहों से मैं स्टैंड नहीं ले पाया. हो सकता है कि अगली बार मैं ऐसा न करूं. इतिहास क्या है, मुझे बखूबी पता है. फिल्म की व्यावसायिक सफलता के लिए इतिहास की गलत व्याख्या की गई.

उन्होंने एक बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि कबीर खान ने कहा था कि वह खराब अभिनय और ढीली स्क्रिप्ट बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन राजनीतिक नैरेटिव में व्यावसायिक सफलता के लिए इतिहास के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की छूट बर्दाश्त नहीं करेंगे.

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