आर्मी डे इन भारत माता के इन वीर सपूतों को सलाम…सलाम.सलाम, जयहिंद

अभी देश भर में भारतीय सेना की 53 छावनियां और 9 आर्मी बेस हैं। बता दें कि भारत.पाक.चीन सीमा पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया की सबसे ऊंची रणभूमि है

15 जनवरी यानी सेना दिवस, ये दिन है हमारे उन लाखों आर्मी जवानों की वीरता, शहादत और शांति काल में मानवता की सेवा में उनके जब्जे को सलाम करने का।

1949 में आज ही के दिन भारतीय सेना के पहले फील्ड मार्शल के.एम.करियप्पा ने आखिरी ब्रिटिश कमांडर इन चीफ जनरल सर फ्रांसिस बूचर से भारतीय थल सेना के कमांडर इन चीफ का प्रभार संभाला था।

बता दें कि 1776 में कोलकाता में ईस्ट इंडिया कंपनी सरकार के अधीन भारतीय सेना का गठन हुआ था। वहीं असम राइफल्स देश की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स है। इसका गठन साल 1835 में हुआ था।

अभी देश भर में भारतीय सेना की 53 छावनियां और 9 आर्मी बेस हैं। बता दें कि भारत.पाक.चीन सीमा पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया की सबसे ऊंची रणभूमि है। यह समुद्र तल से 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

जहां हर मौसम में सेना के जवान देश की हिफाजत के तैनात रहते हैं। जब इंडियन आर्मी की वीरता की बात होती है तो 1962 में हुए भारत चीन युद्ध को हमेशा याद रखा जाएगा।

भारत- चीन युद्ध में भारतीय सेना के वीर जवानों ने चीन को नाकोचना चबा दिए थे। 1965 और 1971 के भारत पाक युद्ध में भारतीय सेना डंका पूरे विश्व में गूंजा।

1971 का भारत-पाकिस्तान का युद्ध पाकिस्तानी सेना के करीब 93,000 सैनिकों और अधिकारियों के सरेंडर के साथ हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हिरासत में लिए गए युद्ध बंदियों की यह सबसे बड़ी संख्या थी। इस युद्ध के बाद ही बांग्लादेश का निर्माण हुआ था।

कारगिल युद्ध तो आप सबके जहन में जिंदा होगा। जब पाकिस्तानी फौज कारगिल तक अपना कब्जे करने वाली थी। लेकिन भारतीय फौज ने उन्हें धूल चटा दिया। इस लड़ाई में कई बहादुर जवानों की शहादत की कहानी आज भी लोगों के जुबान पर है।

पठानकोट एयर बेस में हुए हमले का बदला लेने पाकिस्तान की सरजमीन पर भारतीय सेना सर्जिकल स्ट्राइक देश के दुश्नमों को करारा जवाब थी।

आज भी जब पूरा देश रात में चैन की नींद सोता होता है तब भारतीय सेना के ये जवान अपनी पलकें झपकाए बिना देश की सरहदों पर डटे रहते हैं। आर्मी डे इन भारत माता के इन वीर सपूतों को सलाम…सलाम.सलाम, जयहिंद

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