पुलिस जवानों का वेतन- भत्ता बढ़ोतरी के लिए पत्नियों ने मोर्चा संभाला

दंतेवाड़ा।

पुलिस जवानों के वेतन- भत्ता बढ़ोतरी के लिए पत्नियों ने मोर्चा संभाला। 22 जून को धरना- प्रदर्शन के अनुमति मांगने कलेक्टोरेट पहुंची थी। कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर ने ज्ञापन लिया लेकिन अनुमति नहीं दी। इस पर नाराज महिला परिजन कलेक्टोरेट गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गई। अधिकारियों की समझाइश पर कल दोबारा आने की बात कहकर घर लौटी। इस बीच पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी काफी पशोपेश में रहे।

बुधवार को कारली पुलिस लाइन से करीब 100 महिलाएं कलेक्टोरेट पहुंची। इतनी बड़ी भीड़ एक साथ कलेक्टोरेट पहुंचे परिजनों से प्रशासन सकते में आ गया। बावजूद किसी ने नहीं रोका। कलेक्टर सौरभ कुमार के दौरे पर रहने से अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल के पास पहुंची। अधिकारी को ज्ञापन सौंप धरना- प्रदर्शन की अनुमति मांगी।

अपर कलेक्टर ज्ञापन कलेक्टर तक पहुंचाने की बात कहते कहा कि अनुमति देना उनके अधिकार में नहीं है। इसके बाद नाराज महिलाएं कलेक्टोरेट के गांधी प्रतिमा के करीब धरने पर करीब एक घंटे बैठी रही। अपर कलेक्टर सहित एएसपी नक्सल आपरेशन जीएन बघेल की समझाइश के बाद वहां से हटे। लेकिन जाते- जाते कह गए हैं कि कल फिर आएंगे अपने अधिकारों के लिए अनुमति मांगने।

पसोपेश में रहा पुलिस और जिला प्रशासन

पुलिस लाइन से महिलाओं के कलेक्टोरेट पहुंचने के बाद करीब दो घंटे तक अधिकारी पसोपेश में रहे। अधिकारी उन्हें समझाने की कोशित करते रहे लेकिन महिलाएं बिना अनुमति के वापस लौटने तैयार नहीं थी। जिला प्रशासनिक अधिकारियों के बाद एएसपी ने उन्हें बताया कि जवानों को अन्य विभागों की तुलना में अधिक सुविधाएं और वेतन दिया जाता है। धरना- प्रदर्शन के लिए पुलिस विभाग को अनुमति नहीं है।

सेवा में आने पर इसके लिए जवान- अधिकारी शपथ पत्र भरते हैं। लेकिन महिलाएं मानने को तैयार नहीं थी। एक साथ अधिकारी से तर्क- वितर्क में जुट जाती थी। अंत में एक फोन आने के बाद महिलाएं बिल्डिंग से बाहर निकली और फिर पोर्च में बैठ गई थी। काफी समझाइश के बाद वे वहां हटीं।

पुलिस को नहीं लग पाई भनक

पुलिस जवान सीधे तौर पर अपनी मांग के लिए धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते, इसलिए परिजनों को सामने कर दिया है। जानकारी के मुताबिक 22 तारीख को प्रदर्शन की तैयारी पिछले 8-10 दिन से चल रही है। बताया जा रहा है सोमवार की शाम कारली में महिलाओं की बड़ी बैठक हुई। जिसमें प्रदर्शन की अनुमति मांगने सहित अन्य रणनीति पर चर्चा हुई है।

डिप्टी कलेक्टर ने किया द्वार बंद

पुलिस जवानों के महिला परिजनों जैसे ही बिल्डिंग से बाहर निकले डिप्टी कलेक्टर आरपी चौहान में गेट बंद कर दिया। साथ ही वहां मौजूद महिला नगर सैनिक को तलब किया। इसके बाद महिला नगर सैनिक को समझाइश के तौर पर पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने फटकार लगाई। कहा कि इतनी भीड़ को अंदर जाने कैसे दिया। वह अकेली होने का हवाला देती रही। इधर महिलाओं के बाहर निकलते ही डिप्टी कलेक्टर दरवाजा बंद कर अन्य विभागीय कर्मचारियों को वहां खड़े रहने कहा।

इनका कहना है

पुलिस कर्मियों की महिला परिजन 22 जून को धरना- प्रदर्शन करने की अनुमति मांगने आई थी। अनुमति देना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है, इसलिए उनका आवेदन लेकर कलेक्टर की ओर प्रेषित कर दिया है। महिला परिजनों के आवेदन पर कलेक्टर निर्णय लेंगे।

-दिलीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर दंतेवाड़ा

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